रायपुर, 20 अगस्त। वाय के न्यूज। रायपुर प्रेस क्लब में विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर बुधवार को तीन दिवसीय फोटो जर्नलिस्ट फेस्ट ‘दृश्य संवाद 2026’ का शुभारंभ हुआ। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ की प्रकृति, संस्कृति, परंपरा, सामाजिक सरोकार और महत्वपूर्ण घटनाक्रम को फोटो पत्रकारों और फोटोग्राफरों की नजर से प्रस्तुत किया गया है।
प्रदर्शनी में रायपुर के प्रेस फोटो जर्नलिस्टों के साथ प्रोफेशनल और शौकिया फोटोग्राफरों की तस्वीरें भी शामिल हैं। इस वर्ष रायपुर प्रेस क्लब ने प्रदर्शनी का दायरा बढ़ाते हुए गैर-सदस्य प्रोफेशनल और शौकिया फोटोग्राफरों के लिए भी ओपन कैटेगरी में भागीदारी का अवसर दिया है। इस श्रेणी में 35 से अधिक प्रतिभागियों की तस्वीरें प्रदर्शित की गई हैं।

‘दृश्य संवाद 2026’ को चार कैटेगरी में आयोजित किया गया है। ‘प्रकृति एवं पर्यावरण’ श्रेणी में छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक परिवेश और पर्यावरण से जुड़े दृश्य हैं। ‘संस्कृति एवं परंपरा’ में लोककला, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को कैमरे में दर्ज किया गया है। ‘समाचार एवं जनसरोकार’ श्रेणी में महत्वपूर्ण घटनाओं और सामाजिक मुद्दों को फोटो पत्रकारों की नजर से प्रस्तुत किया गया है। वहीं ओपन कैटेगरी में प्रोफेशनल और शौकिया फोटोग्राफरों की विविध तस्वीरें शामिल हैं।
एक तस्वीर इतिहास का दस्तावेज बन जाती है : श्याम बिहारी जायसवाल
प्रदर्शनी का अवलोकन करने के बाद स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने फोटो पत्रकारों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि फोटोग्राफी केवल कैमरे से तस्वीर खींचने का काम नहीं, बल्कि किसी महत्वपूर्ण पल को इतिहास के लिए सुरक्षित करने की कला और जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि फोटो पत्रकारिता में परिस्थितियां हमेशा अनुकूल नहीं होतीं। फोटो पत्रकार को घटनास्थल पर मौजूद रहकर बेहद कम समय में यह तय करना होता है कि कौन-सा क्षण महत्वपूर्ण है और उसे किस एंगल से कैमरे में कैद किया जाए। अच्छी तस्वीर के लिए तकनीकी ज्ञान के साथ त्वरित निर्णय लेने की क्षमता, सही समय की पहचान और परिस्थितियों को समझने की दृष्टि जरूरी है।

जायसवाल ने कहा कि कई बार पत्रकार किसी घटना को शब्दों में विस्तार से बताते हैं, लेकिन एक प्रभावी तस्वीर वही बात एक क्षण में लोगों तक पहुंचा देती है। यही फोटो पत्रकारिता की ताकत है। उन्होंने विश्व फोटोग्राफी दिवस पर रायपुर प्रेस क्लब की इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि ऐसी प्रदर्शनियां वरिष्ठ फोटो पत्रकारों के अनुभव को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ युवा और शौकिया फोटोग्राफरों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच देती हैं।
तस्वीर पत्रकारिता की अधूरी खबर को पूरा करती है : मोहन तिवारी
रायपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी ने कहा कि ‘दृश्य संवाद’ केवल फोटो प्रदर्शनी नहीं, बल्कि तस्वीरों के माध्यम से समाज और समय से संवाद करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि फोटो पत्रकार साथियों के बिना पत्रकारिता अधूरी है। खबर को जीवंतता और प्रभाव देने में तस्वीर की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
तिवारी ने कहा कि एक सशक्त तस्वीर के लिए कई बार लंबे कैप्शन की जरूरत नहीं होती। बिना किसी कैप्शन के भी तस्वीर अपने आप में पूरी खबर कहने की ताकत रखती है। फोटो पत्रकार जिस क्षण को कैमरे में कैद करता है, वह आने वाले समय में उस घटना का दस्तावेज बन जाता है।
उन्होंने कहा कि रायपुर प्रेस क्लब आने वाले वर्षों में भी विश्व फोटोग्राफी दिवस पर इस तरह की प्रदर्शनियों और फोटो पत्रकारिता से जुड़ी गतिविधियों की परंपरा को आगे बढ़ाएगा।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में रायपुर प्रेस क्लब के महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव निवेदिता साहू, भूपेश जांगड़े, वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत शर्मा, वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट गोकुल सोनी, राजकुमार चतुर्वेदी, नरेंद्र बंगाले, प्रदीप डडसेना, पंकज चौहान, फोटो जर्नलिस्ट प्रकोष्ठ के संयोजक दीपक पांडे, दीपेंद्र सोनी, रमन हलवाई, जय गोस्वामी, सागर फारीकार, पंकज सिंह, विजय देवांगन, मनोज देवांगन, विनय घाटगे, हेमंत गोस्वामी, किशन लोखंडे, त्रिलोचन मानिकपुरी और राजेश सोनकर सहित बड़ी संख्या में फोटो पत्रकार एवं पत्रकार उपस्थित रहे।
तीन दिवसीय ‘दृश्य संवाद 2026’ में दर्शक छत्तीसगढ़ को तस्वीरों के अलग-अलग फ्रेम और दृष्टिकोण से देख सकेंगे। प्रदर्शनी में प्रकृति, संस्कृति, समाज और घटनाक्रम से जुड़े दृश्य छत्तीसगढ़ की दृश्य स्मृति को सामने रखते हैं।

