अब रफ्तार पकड़ेगा पाइप्ड गैस नेटवर्क, सरकारी कॉलोनियों से अस्पतालों तक PNG पहुंचाने की तैयारी

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रायपुर, 20 अगस्त। वाय के न्यूज। छत्तीसगढ़ में पाइपलाइन के जरिए प्राकृतिक गैस पहुंचाने की योजना अब अमल के अगले चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है। राज्य सरकार ने शहरी गैस वितरण नीति के तहत अधोसंरचना विस्तार की कार्ययोजना पर काम तेज करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में हुई राज्य स्तरीय निगरानी समिति की बैठक में घरेलू, औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के विस्तार को लेकर विभागों के बीच समन्वय और जरूरी अधोसंरचना विकसित करने पर जोर दिया गया।

छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद पहले ही छत्तीसगढ़ शहरी गैस वितरण नीति-2026 को मंजूरी दे चुकी है। इस नीति का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में पाइपलाइन आधारित प्राकृतिक गैस की उपलब्धता बढ़ाना और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का चरणबद्ध विस्तार करना है।

सरकारी परिसरों को PNG नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी

बैठक में मुख्य सचिव ने अधिकारियों को घरेलू उपयोग के साथ-साथ सरकारी और सार्वजनिक संस्थानों में PNG अधोसंरचना विकसित करने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। इसके तहत शासकीय आवासीय कॉलोनियों, स्कूलों, कॉलेजों, छात्रावासों, अस्पतालों, हाउसिंग कॉम्प्लेक्स, टाउनशिप, केंद्रीय रसोई और कैंटीनों को पाइप्ड गैस नेटवर्क से जोड़ने की संभावनाओं पर काम किया जाएगा।

इसका उद्देश्य केवल घरेलू रसोई तक गैस पहुंचाना नहीं, बल्कि शहरों में प्राकृतिक गैस के इस्तेमाल का एक व्यापक नेटवर्क तैयार करना है। नीति के तहत PNG को LPG के विकल्प के रूप में बढ़ाने और शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ ईंधन की उपलब्धता बढ़ाने की योजना है।

गैस नेटवर्क के साथ तकनीकी ढांचा भी होगा जरूरी

राज्य सरकार की योजना में पाइपलाइन बिछाने के साथ उससे जुड़ी तकनीकी और मानव संसाधन क्षमता विकसित करने पर भी जोर है। बैठक में प्रत्येक भौगोलिक क्षेत्र में प्लंबर और फील्ड टेक्नीशियन के प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण तथा कौशल विकास कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने की जरूरत बताई गई।

PNG नेटवर्क के विस्तार के लिए पाइपलाइन बिछाने, घरेलू कनेक्शन देने, मीटरिंग, सुरक्षा व्यवस्था और नियमित रखरखाव के लिए प्रशिक्षित तकनीकी कर्मचारियों की जरूरत होगी। इसलिए सरकार नेटवर्क विस्तार के साथ स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में भी काम करेगी।

प्रदूषण कम करने और स्वच्छ ईंधन बढ़ाने पर जोर

सरकार का तर्क है कि प्राकृतिक गैस के इस्तेमाल के विस्तार से घरेलू, औद्योगिक और परिवहन क्षेत्रों में अपेक्षाकृत स्वच्छ ईंधन का उपयोग बढ़ेगा। शहरी क्षेत्रों में PNG और CNG आधारित व्यवस्था को मजबूत करना इसी व्यापक गैस वितरण ढांचे का हिस्सा है।

केंद्र स्तर पर भी घरेलू PNG कनेक्शनों की संख्या बढ़ाने के लिए हाल में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों को प्रोत्साहन देने की पहल की गई है। नए बिल किए गए घरेलू PNG कनेक्शन पर अतिरिक्त रियायती घरेलू प्राकृतिक गैस उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।

कई विभागों की भूमिका तय होगी

राज्य स्तरीय निगरानी समिति की बैठक में गैस नेटवर्क के विस्तार से जुड़े विभिन्न विभागों के बीच समन्वय पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, परिवहन विभाग के सचिव एस. प्रकाश, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, राजस्व विभाग की सचिव शम्मी आबिदी और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

जल संसाधन, लोक निर्माण, नगरीय विकास, पर्यावरण संरक्षण मंडल तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया। इसके अलावा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (PNGRB), पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO), सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों और अधिकृत गैस वितरण इकाइयों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।

चुनौती सिर्फ पाइपलाइन बिछाने की नहीं

छत्तीसगढ़ में शहरी गैस वितरण नीति लागू होने के बाद अब असली चुनौती इसे जमीन पर उतारने की होगी। गैस पाइपलाइन के लिए सड़क और अन्य सार्वजनिक अधोसंरचना के इस्तेमाल, विभिन्न विभागों से अनुमति, सुरक्षा मानकों, गैस उपलब्धता, उपभोक्ता कनेक्शन और वितरण कंपनियों के साथ समन्वय जैसे मुद्दे इसके क्रियान्वयन की गति तय करेंगे।

राज्य स्तरीय निगरानी समिति की बैठक में इन पहलुओं के परीक्षण और जरूरी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार की योजना यदि निर्धारित गति से आगे बढ़ती है तो आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों में रसोई ईंधन की व्यवस्था LPG सिलेंडर से पाइपलाइन आधारित PNG की ओर बढ़ सकती है।

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