2030 तक 5 हजार स्टार्टअप का लक्ष्य, 6 लाख विद्यार्थियों को एआई प्रशिक्षण: साय

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नई दिल्ली, 21 अगस्त। वाय के न्यूज। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को वर्ल्ड लीडर्स फोरम में छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को खनिज और पारंपरिक उद्योगों से आगे ले जाकर एआई, स्टार्टअप, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन एनर्जी और आधुनिक विनिर्माण पर केंद्रित करने का रोडमैप रखा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को ‘जॉब सीकर’ के बजाय ‘जॉब क्रिएटर’ बनाना है। राज्य में 2030 तक 5 हजार स्टार्टअप विकसित करने और 6 लाख विद्यार्थियों को एआई प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि उसे रोजगार, उद्यमिता और आय के अवसरों में बदलना है। नई औद्योगिक नीति 2024-30 लागू होने के बाद प्रदेश को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिलने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि निवेश प्रक्रियाओं को सरल और समयबद्ध किया गया है। पिछले दो वर्षों में 450 से अधिक प्रक्रियाओं के सरलीकरण की जानकारी भी उन्होंने दी।

6.31 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था

साय के अनुसार वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का आकार करीब 6.31 लाख करोड़ रुपये रहा और विकास दर 11.57 प्रतिशत रही। प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1,79,244 रुपये हो गई है। उन्होंने कहा कि 2026-27 के 1.72 लाख करोड़ रुपये के बजट में अधोसंरचना, पूंजीगत व्यय और सामाजिक कल्याण को प्राथमिकता दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टील, सीमेंट और खनिज आधारित उद्योग राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण बने रहेंगे, लेकिन सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, एआई, डेटा सेंटर, फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, ग्रीन एनर्जी और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में भी निवेश की संभावनाएं विकसित की जा रही हैं।

छह लाख विद्यार्थियों को एआई प्रशिक्षण

मुख्यमंत्री ने कहा कि छह लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को एआई प्रशिक्षण देने की योजना है। नागरिक सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए 50 से अधिक एआई आधारित सरकारी सेवाएं विकसित की जाएंगी।

राज्य में 500 करोड़ रुपये के एआई मिशन के तहत 100 एआई डेटा लैब, पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 300 से अधिक एआई स्टार्टअप को सहयोग देने का लक्ष्य रखा गया है। नवा रायपुर में करीब 1,000 करोड़ रुपये की लागत से एआई डेटा सेंटर पार्क विकसित करने की भी जानकारी दी गई।

2030 तक 5 हजार स्टार्टअप

साय ने कहा कि राज्य में 2030 तक 5 हजार स्टार्टअप विकसित करने का लक्ष्य है। नए उद्यमियों को अभिनव विचारों को कारोबार में बदलने के लिए 10 लाख रुपये तक की सीड फंड सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने कहा कि युवाओं को तकनीक, नवाचार, कौशल और बाजार से जोड़कर उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि नए व्यवसायों के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा हों।

बस्तर में निवेश और रोजगार की संभावनाओं पर जोर

मुख्यमंत्री ने बस्तर में सुरक्षा स्थिति में सुधार के बाद विकास, निवेश, पर्यटन और रोजगार की संभावनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि बस्तर सहित प्रदेश के करीब 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए 4,824 करोड़ रुपये की आजीविका उन्नयन योजना तैयार की जा रही है।

उनके अनुसार बस्तर में 421 बंद स्कूल फिर शुरू किए गए हैं और 34 लाख से अधिक लोगों की डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार की गई है। 3,513 करोड़ रुपये की जगदलपुर-रावघाट रेल परियोजना को उन्होंने क्षेत्र की औद्योगिक और व्यापारिक कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण बताया।

बस्तर की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत को पर्यटन से जोड़ने तथा लघु वनोपज, औषधीय पौधों, मिलेट और कृषि उत्पादों के स्थानीय प्रसंस्करण एवं वैल्यू एडिशन पर भी जोर दिया जा रहा है। राज्य में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिए जाने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे निजी निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।

चार हजार मेगावाट अतिरिक्त सौर क्षमता

साय ने कहा कि राज्य आने वाले वर्षों में करीब 4,000 मेगावाट अतिरिक्त सौर ऊर्जा क्षमता विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है। 90 हजार से अधिक घरों को सौर ऊर्जा से जोड़े जाने और भिलाई में प्रदेश का पहला फ्लोटिंग सोलर प्लांट स्थापित किए जाने की जानकारी भी उन्होंने दी।

उन्होंने कहा कि हरित ऊर्जा के विस्तार से भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के साथ नए निवेश और रोजगार के अवसरों का आधार तैयार होगा।

कच्चे माल के बजाय वैल्यू एडिशन पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है, लेकिन राज्य का लक्ष्य केवल कच्चे माल का उत्पादन नहीं, बल्कि प्रदेश के भीतर उसका अधिकतम मूल्य संवर्धन करना है।

नवा रायपुर और राजनांदगांव में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण से जुड़ी अधोसंरचना विकसित की जा रही है। राजनांदगांव में प्रस्तावित स्पेस मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, 142 एकड़ का फार्मास्युटिकल पार्क और टेक्सटाइल तथा रेडीमेड गारमेंट पार्कों का भी उन्होंने उल्लेख किया। कोरबा में लिथियम की खोज से बैटरी निर्माण और ऊर्जा भंडारण के क्षेत्र में संभावनाएं बनने की बात कही।

निवेश प्रक्रिया को समयबद्ध करने का दावा

साय ने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम-2026 के जरिए औद्योगिक प्रक्रियाओं को सरल और समयबद्ध किया गया है। कम जोखिम वाले उद्योगों के मामलों में निर्धारित समय में निर्णय नहीं होने पर स्वतः अनुमति का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था में आठ विभागों की 43 सेवाओं को शामिल किया गया है और इससे करीब 15 लाख सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को लाभ मिलने की संभावना है।

मुख्यमंत्री ने वैश्विक निवेशकों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि प्राकृतिक संसाधन, ऊर्जा, युवा मानव संसाधन, कनेक्टिविटी, अधोसंरचना और निवेश-अनुकूल नीतियां राज्य की आगामी आर्थिक विकास यात्रा का आधार बन रही हैं।

फोरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन सहित विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं।

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