4,800 से अधिक परिसरों में चेक मीटर से मिलान, भिलाई की NABL लैब में 74 मीटरों की जांच
रायपुर, 7 सितंबर, वाय के न्यूज। स्मार्ट मीटर की रीडिंग को लेकर उठ रहे सवालों के बीच छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज ने कहा है कि अब तक 4,800 से अधिक परिसरों में स्मार्ट मीटर की रीडिंग का चेक मीटर से मिलान किया गया और सभी मामलों में दोनों की रीडिंग समान रही। कंपनी के मुताबिक, इन परीक्षणों में तकनीकी गड़बड़ी या बिना अतिरिक्त बिजली खपत के मीटर की रीडिंग बढ़ने का मामला सामने नहीं आया।
पावर कंपनी की संशोधित प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, भिलाई स्थित NABL मान्यता प्राप्त लैब में उपभोक्ताओं की मौजूदगी में 74 स्मार्ट मीटरों की जांच की गई। सभी मीटरों की खपत रीडिंग सही पाई गई। कंपनी ने बताया कि स्मार्ट मीटर केंद्र सरकार की RDSS योजना के तहत BIS मानकों और केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) के निर्धारित तकनीकी मापदंडों के अनुरूप लगाए जा रहे हैं।
कंपनी ने सॉफ्टवेयर से छेड़छाड़ और मीटर के सामान्य से तेज चलने की आशंका को भी खारिज किया है। हालांकि, किसी उपभोक्ता को मीटर की रीडिंग पर संदेह हो तो उसकी जांच की व्यवस्था भी रखी गई है। वितरण कंपनी की तकनीकी टीम परिसर का निरीक्षण कर सकती है और उपभोक्ता के अनुरोध पर पहले से लगे इलेक्ट्रॉनिक मीटर को स्मार्ट मीटर के साथ सीरीज में लगाकर दोनों की रीडिंग की तुलना की जा सकती है। इसके लिए कोई परीक्षण शुल्क नहीं लिया जाएगा।
ज्यादा बिल का मतलब मीटर खराब होना नहीं
कंपनी के अनुसार स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली का बिल बढ़ना जरूरी नहीं कि मीटर की खराबी का संकेत हो। वास्तविक खपत मौसम और बिजली के उपकरणों के इस्तेमाल के साथ बदलती है। गर्मियों में एसी, कूलर, ईवी चार्जिंग और पानी की मोटर जैसे उपकरणों के अधिक इस्तेमाल से खपत बढ़ सकती है।
रायपुर डिवीजन के तीन लाख से अधिक उपभोक्ताओं के आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए कंपनी ने बताया कि मार्च से जून 2026 के दौरान खपत बढ़ने में इन उपकरणों के इस्तेमाल की भूमिका रही। मई की तुलना में अगस्त 2026 में बिजली खपत 32 से 57 प्रतिशत तक कम हुई।
हर 30 मिनट की खपत देख सकेंगे
स्मार्ट मीटर में दर्ज बिजली खपत की जानकारी उपभोक्ता ‘मोर बिजली’ ऐप और स्मार्ट मीटर वेब पोर्टल पर देख सकते हैं। कंपनी के अनुसार इन प्लेटफॉर्म पर दैनिक खपत के साथ हर 30 मिनट के अंतराल की जानकारी भी उपलब्ध होती है। इससे उपभोक्ता अपने इस्तेमाल के हिसाब से खपत में आए बदलाव को देख सकते हैं।
स्मार्ट मीटर की स्थापना फरवरी 2024 से शुरू हुई है। बिजली बिल या मीटर की रीडिंग को लेकर शिकायत होने पर उपभोक्ता टोल-फ्री नंबर 1912 अथवा निकटतम वितरण केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।
