रायपुर, 6 अगस्त। बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) के डॉक्टरों ने 78 वर्षीय महिला के अंडाशय (ओवरी) के कैंसर का जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक कर लगभग एक किलोग्राम वजन का ट्यूमर निकालने में सफलता हासिल की है। अस्पताल के अनुसार, संस्थान में इस तरह की यह पहली बड़ी सर्जरी है।
दर्रीघाट (बिलासपुर) निवासी महिला पिछले पांच-छह महीनों से पेट के निचले हिस्से में दर्द और बढ़ती गांठ से परेशान थीं। परिजन पहले उन्हें एक निजी अस्पताल ले गए, जहां इलाज और ऑपरेशन का खर्च 2 से 3 लाख रुपये बताया गया। इसके बाद उन्हें सिम्स में भर्ती कराया गया, जहां आयुष्मान भारत योजना के तहत उनका पूरा इलाज और ऑपरेशन निःशुल्क किया गया।
जांच में महिला के बाएं अंडाशय में 15×12×10 सेंटीमीटर आकार का कैंसरयुक्त ट्यूमर मिला, जो आसपास के अंगों पर दबाव डाल रहा था। डॉक्टरों की बहुविषयक टीम ने 3 अगस्त को जटिल सर्जरी कर ट्यूमर निकालने के साथ गर्भाशय और दोनों अंडाशयों को हटाया। ऑपरेशन के दौरान बाईं मूत्रवाहिनी (यूरेटर) की मरम्मत कर उसमें डबल-जे स्टेंट भी लगाया गया।
इस ऑपरेशन में स्त्री एवं प्रसूति रोग, जनरल सर्जरी, एनेस्थीसिया और रेडियोलॉजी विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टरों की संयुक्त टीम शामिल रही।
सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने बताया कि रजोनिवृत्ति के बाद इस आकार का अंडाशय का कैंसर दुर्लभ और अत्यधिक जोखिम वाला माना जाता है। ऐसे मामलों में रक्तस्राव और आसपास के महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। उन्होंने बताया कि फिलहाल मरीज की स्थिति स्थिर है और वह डॉक्टरों की निगरानी में स्वस्थ हो रही हैं।
यह सर्जरी सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं और आयुष्मान भारत योजना के तहत जटिल उपचार की उपलब्धता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जा रही है।
