सावन में शिवमय छत्तीसगढ़: मंदिरों में उमड़ रही आस्था, पंचकोशी यात्रा और कांवड़ यात्रा शुरू

यह समाचार साझा करें

WhatsApp Facebook X

पढ़ने की सुविधा

अपनी सुविधा के अनुसार अक्षर और कंट्रास्ट चुनें।

अक्षर आकार

रायपुर, 30जुलाई 2026(वाय के न्यूज)। भगवान शिव की आराधना का पवित्र महीना श्रावण शुरू होते ही पूरा छत्तीसगढ़ शिवभक्ति के रंग में रंग गया है। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के प्रमुख शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी है। भक्त जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और भांग अर्पित कर भगवान भोलेनाथ का अभिषेक कर रहे हैं। सावन के पहले दिन से ही मंदिरों में ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष गूंजने लगे हैं।

रायपुर के बुढ़ेश्वर महादेव, हाटकेश्वर महादेव, महामाया परिसर स्थित शिव मंदिर सहित अनेक प्राचीन शिवालयों में विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और भजन-कीर्तन का क्रम शुरू हो गया है। श्रद्धालु परिवार सहित भगवान शिव के दर्शन कर सुख-समृद्धि और मंगल की कामना कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ की संस्कृति में रचे-बसे हैं महादेव

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान में भगवान शिव का विशेष स्थान है। लोक परंपराओं, ग्रामीण जीवन, लोकगीतों, मेलों और धार्मिक अनुष्ठानों में शिव आराधना की गहरी छाप दिखाई देती है। प्रदेश के अनेक गांवों में प्राचीन शिव मंदिर आज भी आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। इतिहासकारों और पुरातात्विक अध्ययनों से भी यह स्पष्ट होता है कि इस क्षेत्र में प्राचीन काल से शैव परंपरा का व्यापक प्रभाव रहा है। सिरपुर, राजिम, मल्हार, भोरमदेव और अन्य ऐतिहासिक स्थलों पर प्राप्त शिव मंदिर एवं शिल्पकला इसके सशक्त प्रमाण हैं।

पंचकोशी यात्रा का विशेष महत्व

सावन के साथ ही राजिम क्षेत्र की प्रसिद्ध पंचकोशी यात्रा भी आरंभ हो जाती है। इस यात्रा में श्रद्धालु पांच प्रमुख शिवधामों—पटेश्वर महादेव (पटेवा), चम्पेश्वर महादेव (चम्पारण), कोपेश्वर महादेव (कोपरा), फिंगेश्वर महादेव (फिंगेश्वर) और कुलेश्वर महादेव (राजिम)—के दर्शन कर धार्मिक यात्रा पूर्ण करते हैं। मान्यता है कि पंचकोशी यात्रा करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है।

कांवड़ यात्रा भी शुरू

श्रावण मास के साथ कांवड़ यात्रा का भी शुभारंभ हो गया है। शिवभक्त पवित्र नदियों और जल स्रोतों से जल लाकर शिवलिंग का अभिषेक करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि सावन में श्रद्धापूर्वक जलाभिषेक करने से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होकर भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।

पूरे महीने रहेंगे धार्मिक आयोजन

सावन भर प्रदेश के मंदिरों में रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप, शिवमहापुराण कथा, भजन-कीर्तन, रात्रि जागरण, भंडारे और सामूहिक पूजन जैसे धार्मिक आयोजन होंगे। विशेष रूप से सोमवार को शिवालयों में श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। महिलाएं परिवार की सुख-समृद्धि और युवक-युवतियां मनोकामना पूर्ति के लिए भगवान शिव का व्रत,पूजन करते हैं।

पाठकों की पसंद

सबसे अधिक पढ़े गए

पिछले 7 दिनों के आधार पर