सारनाथ यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में

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प्रधानमंत्री मोदी ने बताया हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण

नई दिल्ली, 25 जुलाई 2026, वाय के न्यूज। प्राचीन बौद्ध स्थल सारनाथ को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खुशी जताई है। उन्होंने इसे हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि सारनाथ का भगवान बुद्ध से गहरा संबंध है। भगवान बुद्ध के ज्ञान, करुणा और सद्भाव के शाश्वत संदेश से पूरी दुनिया प्रेरणा लेती है।

उन्होंने कहा कि यूनेस्को की यह मान्यता भारत की समृद्ध सभ्यतागत और आध्यात्मिक विरासत का सम्मान है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि इससे दुनिया भर के लोग सारनाथ आने और भगवान बुद्ध के आदर्शों से जुड़ने के लिए प्रेरित होंगे।

संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी सारनाथ को विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जाने को भारत की सांस्कृतिक विरासत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि सारनाथ शांति, ज्ञान और करुणा का शाश्वत प्रतीक है।

बुद्ध के प्रथम उपदेश का स्थल है सारनाथ

उत्तर प्रदेश के वाराणसी के निकट स्थित सारनाथ बौद्ध धर्म के सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों में से एक है। मान्यता है कि ज्ञान प्राप्ति के बाद भगवान बुद्ध ने यहीं अपना पहला उपदेश दिया था, जिसे धर्मचक्र प्रवर्तन कहा जाता है।

सारनाथ में स्थित धमेख स्तूप, अशोक स्तंभ और अन्य पुरातात्विक अवशेष भारतीय इतिहास, कला और स्थापत्य की समृद्ध परंपरा को दर्शाते हैं।

यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल होने से सारनाथ को वैश्विक पहचान मिलने के साथ इसके संरक्षण और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

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