संसद से सड़क तक घमासान: छात्र आंदोलन की गूंज,सोनम वांगचुक से सरकार की बातचीत

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नई दिल्ली, 22 जुलाई 2026। संसद के मानसून सत्र का बुधवार का दिन छात्र आंदोलन, विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन और राजनीतिक बयानबाजी के नाम रहा। संसद के भीतर विपक्ष ने छात्र आंदोलन और परीक्षा संबंधी मुद्दों पर सरकार को घेरा, जबकि संसद के बाहर प्रदर्शन कर रहे विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उधर, आंदोलनकारी सोनम वांगचुक से सरकार ने बातचीत कर गतिरोध समाप्त करने की कोशिश की।

संसद में हंगामे से कामकाज प्रभावित

लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष ने छात्र आंदोलन और उससे जुड़े घटनाक्रम पर चर्चा की मांग को लेकर हंगामा किया। लगातार शोर-शराबे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। सरकार ने कहा कि वह चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष के हंगामे से सदन नहीं चल पा रहा है।

संसद से मार्च, राहुल गांधी समेत कई नेता हिरासत में

संसद की कार्यवाही के बीच कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने विरोध मार्च निकाला। पुलिस ने उन्हें संसद से आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और कई अन्य विपक्षी नेताओं को कुछ समय के लिए हिरासत में लिया गया। बाद में सभी को रिहा कर दिया गया। विपक्ष ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया, जबकि पुलिस ने कार्रवाई को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक बताया।

सरकार और विपक्ष आमने-सामने

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार छात्रों की चिंताओं पर चर्चा और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए तैयार है। वहीं संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से सदन चलने देने की अपील करते हुए कहा कि सरकार किसी भी मुद्दे पर बहस से पीछे नहीं हट रही है। दूसरी ओर विपक्ष ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई और सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया।

सोनम वांगचुक से सरकार की बातचीत

छात्र आंदोलन के बीच सरकार ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से भी संपर्क किया। केंद्रीय मंत्रियों जे.पी. नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने उनसे बातचीत कर आंदोलन समाप्त कराने में सहयोग का आग्रह किया। हालांकि वांगचुक ने कहा कि छात्रों की मांगों पर ठोस आश्वासन मिलने के बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा।

दिनभर जारी रही राजनीतिक बयानबाजी

संसद और उसके बाहर सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी रहा। विपक्ष ने सरकार पर छात्रों के मुद्दे को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया, जबकि भाजपा नेताओं ने कहा कि विपक्ष छात्र आंदोलन का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है।

संसद में कई अहम जानकारियां भी आईं सामने

हंगामे के बीच सरकार ने विभिन्न मंत्रालयों से जुड़े कई प्रश्नों के लिखित उत्तर भी सदन में पेश किए। इनमें अश्लील सामग्री दिखाने के आरोप में पिछले दो वर्षों में 50 ओटीटी प्लेटफॉर्म बंद किए जाने, कृषि, कर व्यवस्था और अन्य विषयों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल रहीं।

उल्लेखनीय है कि छात्र आंदोलन अब संसद से निकलकर राष्ट्रीय राजनीति का प्रमुख मुद्दा बन चुका है। विपक्ष इसे लगातार संसद और सड़क दोनों जगह उठा रहा है, जबकि सरकार बातचीत और सुधारों का भरोसा दे रही है। ऐसे में मानसून सत्र के आगामी दिनों में भी इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव जारी रहने के आसार हैं।

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