भारत ने 6जी की तैयारी तेज की, 90 संगठन जुड़े; स्पेक्ट्रम रोडमैप भी जारी

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नई दिल्ली।, 22 जुलाई 2026। भारत ने अगली पीढ़ी की मोबाइल तकनीक 6जी (6G) के विकास की तैयारी तेज कर दी है। देश में 6जी तकनीक के विकास के लिए बने भारत 6जी गठबंधन (Bharat 6G Alliance) से अब 90 संगठन जुड़ चुके हैं। इसके साथ ही दूरसंचार विभाग ने 6जी सेवाओं के लिए स्पेक्ट्रम रोडमैप भी जारी किया है।

सरकार के अनुसार, भारत 6जी गठबंधन में दूरसंचार सेवा प्रदाता, दूरसंचार उपकरण निर्माता, स्टार्टअप, अनुसंधान संस्थान, आईआईटी समेत शैक्षणिक संस्थान और दूरसंचार क्षेत्र के अन्य हितधारक शामिल हैं। गठबंधन का उद्देश्य 6जी तकनीक के क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और स्वदेशी तकनीकों के विकास को बढ़ावा देना है। इसके लिए सात कार्य समूह बनाए गए हैं, जो 6जी तकनीक, स्पेक्ट्रम, उपकरण, संभावित उपयोग, हरित तकनीक और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर काम कर रहे हैं।

6जी तकनीक के परीक्षण के लिए कोलकाता स्थित सोसाइटी फॉर अप्लाइड माइक्रोवेव इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग एंड रिसर्च (SAMEER) में टेराहर्ट्ज टेस्टबेड स्थापित किया जा रहा है। इस परियोजना में आईआईटी मद्रास, आईआईटी गुवाहाटी और आईआईटी पटना भी सहयोग कर रहे हैं। इसका उद्देश्य भारत में विकसित 6जी तकनीकों का परीक्षण और प्रदर्शन करना है।

सरकार ने बताया कि भारत 6जी के अंतरराष्ट्रीय मानक तय करने की प्रक्रिया में भी सक्रिय भागीदारी कर रहा है। इसके लिए भारतीय उद्योग, स्टार्टअप, एमएसएमई और अनुसंधान संस्थानों को अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण मंचों पर भागीदारी के लिए सहयोग दिया जा रहा है, ताकि भविष्य की 6जी तकनीक के विकास में भारत की मजबूत भूमिका सुनिश्चित की जा सके।

यह जानकारी केंद्रीय संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

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