नई दिल्ली, 22 जुलाई 2026।अश्लील सामग्री प्रसारित करने और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम समेत अन्य कानूनों का उल्लंघन करने के आरोप में पिछले दो वर्षों के दौरान देश में 50 ओटीटी प्लेटफॉर्म बंद किए गए हैं।
केंद्र सरकार ने मंगलवार को लोकसभा में बताया कि शिकायतों के आधार पर इन प्लेटफॉर्मों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इन पर आईटी अधिनियम, 2000 की धारा 67 और 67ए, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 294 तथा महिलाओं के अश्लील चित्रण (निषेध) अधिनियम, 1986 के प्रावधानों का उल्लंघन करने का आरोप था।
सरकार के अनुसार, डिजिटल समाचार प्रकाशकों और ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 लागू हैं। इन नियमों के तहत शिकायतों की जांच की जाती है और यदि कोई सामग्री कानून का उल्लंघन करती पाई जाती है तो उसे हटाने या संबंधित प्लेटफॉर्म तक सार्वजनिक पहुंच रोकने की कार्रवाई की जाती है।
यह जानकारी सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने लोकसभा में सांसद राजाभाऊ पराग प्रकाश वाजे के प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ वर्षों में कई ओटीटी प्लेटफॉर्म पर अश्लील और यौन रूप से स्पष्ट सामग्री को लेकर लगातार विवाद और शिकायतें सामने आती रही हैं। इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने भी चिंता जताई है। इसके बाद केंद्र सरकार ने ओटीटी प्लेटफॉर्मों को आईटी नियम, 2021 के तहत आयु-आधारित वर्गीकरण, आचार संहिता और अन्य कानूनी प्रावधानों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने संबंधी परामर्श जारी किए हैं।
