नई दिल्ली, 23 जुलाई 2026 । संसद के मानसून सत्र के चौथे दिन गुरुवार को भी नीट पेपर लीक, छात्र आंदोलन और अन्य मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव जारी रहा। लगातार हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित करनी पड़ी।
प्रमुख घटनाक्रम
लोकसभा में प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्ष ने नीट पेपर लीक और छात्र आंदोलन का मुद्दा उठाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल चलाने का प्रयास किया, लेकिन हंगामे के कारण सदन पहले दोपहर 12 बजे, फिर 2 बजे और अंततः शुक्रवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दिया गया।
राज्यसभा में भी विपक्ष ने नीट मुद्दे पर जोरदार विरोध किया। सदन की कार्यवाही तीन बार स्थगित हुई और अंततः दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार नीट पेपर लीक समेत सभी परीक्षा पत्र लीक मामलों पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष से बिना शर्त चर्चा में भाग लेने की अपील की।
रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही आश्वस्त कर चुके हैं कि पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी और ऐसे मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक अदालतें बनाई जाएंगी।
विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा में कहा कि विपक्ष चर्चा चाहता है, लेकिन पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए।
सदन के नेता जे.पी. नड्डा ने आरोप लगाया कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष लगातार नई शर्तें रखकर बहस से बच रहा है।
दिन की शुरुआत में राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने देश के विभिन्न राज्यों में बाढ़, भूस्खलन और बिजली गिरने की घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी। सदन ने दो मिनट का मौन भी रखा।
