नई दिल्ली, 23 जुलाई 2026 । केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण (ई20) की व्यवस्था जारी रहेगी और ई0 या ई10 जैसे पुराने मिश्रण पर लौटने का कोई प्रस्ताव नहीं है। सरकार का कहना है कि फिलहाल पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा 20 प्रतिशत से अधिक बढ़ाने का भी कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
लोकसभा में एक लिखित उत्तर में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने बताया कि ई20 को चरणबद्ध तरीके से वैज्ञानिक परीक्षण, फील्ड ट्रायल और ऑटोमोबाइल कंपनियों, तेल विपणन कंपनियों तथा तकनीकी संस्थानों से व्यापक परामर्श के बाद लागू किया गया है।
सरकार के अनुसार, देश में ढाई वर्ष से अधिक समय से ई19-ई20 मिश्रित पेट्रोल का उपयोग हो रहा है। इस दौरान 2 करोड़ से अधिक दोपहिया और 3 करोड़ से अधिक पेट्रोल कारें इस ईंधन पर चली हैं, लेकिन एथेनॉल मिश्रण के कारण इंजन खराब होने या असामान्य घिसाव का कोई पुष्ट प्रमाण नहीं मिला है।
लिखित उत्तर में कहा गया है कि सरकार को वाहन निर्माताओं, ऑटोमोबाइल संगठनों या उपभोक्ता संस्थाओं से ई20 के कारण बड़े पैमाने पर माइलेज घटने, पिकअप कम होने या पेट्रोल टैंक में जंग लगने की कोई व्यापक शिकायत नहीं मिली है। हालांकि, सामने आई आशंकाओं की वैज्ञानिक जांच कराई गई है।
सरकार के मुताबिक, एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल कार्यक्रम से अब तक 1.97 लाख करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा की बचत, 316 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल का आयात कम हुआ है। साथ ही 952 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आई है और किसानों को 1.66 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में पेट्रोल में 20 प्रतिशत से अधिक एथेनॉल मिश्रण पर विचार किया जाता है, तो उससे पहले विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन और सभी संबंधित पक्षों से परामर्श किया जाएगा।
