नई दिल्ली, 23 जुलाई 2026 । साइबर ठगी में इस्तेमाल हो रहे मोबाइल नंबरों पर सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने बताया कि 15 जुलाई 2026 तक 88 लाख से अधिक संदिग्ध मोबाइल कनेक्शन बंद किए जा चुके हैं। इन नंबरों का दोबारा सत्यापन कराया गया था, लेकिन वे सही नहीं पाए गए।
विभाग ने बताया कि एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) और बिग डेटा पर आधारित ASTR प्रणाली संदिग्ध मोबाइल कनेक्शनों की पहचान करती है।
इसके अलावा, ‘संचार साथी’ पोर्टल की ‘चक्षु’ सुविधा के जरिए लोगों ने संदिग्ध कॉल और संदेशों की 11.18 लाख शिकायतें दर्ज कराईं। इन शिकायतों के विश्लेषण के बाद 50.90 लाख मोबाइल कनेक्शन भी बंद किए गए।
सरकार ने साइबर अपराध से जुड़ी जानकारी साझा करने के लिए डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (DIP) भी बनाया है। इस प्लेटफॉर्म से गृह मंत्रालय के आई4सी (भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र) समेत कई एजेंसियां जुड़ी हैं, ताकि साइबर ठगी पर तेजी से कार्रवाई की जा सके।
केंद्रीय संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
बॉक्स | आम लोगों के लिए क्या काम की बात?
- चक्षु पर संदिग्ध कॉल, SMS और ऑनलाइन ठगी की शिकायत कर सकते हैं।
- शिकायतों के आधार पर फर्जी मोबाइल नंबरों पर कार्रवाई की जाती है।
- अब तक 88 लाख और शिकायतों के आधार पर 50.90 लाख संदिग्ध मोबाइल कनेक्शन बंद किए जा चुके हैं।
- सरकार का लक्ष्य साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल नंबरों पर रोक लगाना है।
