नई दिल्ली, 25 जुलाई, 2026 (वाय के न्यूज)। राजधानी दिल्ली में आयोजित ‘वीव्स ऑफ इंडिया’ महोत्सव में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक बुनकरी भी अपनी अलग पहचान बना रही है। देश की समृद्ध हथकरघा विरासत को समर्पित इस महोत्सव में छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों की 116 पारंपरिक बुनाई शैलियों का प्रदर्शन किया जा रहा है, जहां राज्य की बुनकरी देशभर के दर्शकों को आकर्षित कर रही है।
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस (7 अगस्त) के उपलक्ष्य में कपड़ा मंत्रालय के विकास आयुक्त (हथकरघा) कार्यालय द्वारा आयोजित यह महोत्सव 24 जुलाई से 7 अगस्त तक नई दिल्ली के जनपथ स्थित सेंट्रल कॉटेज इंडस्ट्रीज एम्पोरियम में चल रहा है।
प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के अलावा ओडिशा, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, मणिपुर, बिहार, तेलंगाना, गुजरात, जम्मू-कश्मीर और त्रिपुरा सहित कई राज्यों की प्रसिद्ध हथकरघा परंपराएं प्रदर्शित की गई हैं। यहां बनारसी, जामदानी, कांचीपुरम सिल्क, संबलपुरी इकत, पैठणी, कानी पश्मीना, बावन बूटी, कोटपाड, इलकल, कासरगोड, हिम्रू और रिषा जैसी पारंपरिक बुनाई शैलियां भी आकर्षण का केंद्र हैं।
महोत्सव का उद्देश्य भारतीय हथकरघा उत्पादों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना, बुनकरों को प्रोत्साहन देना और देश की समृद्ध वस्त्र विरासत को संरक्षित करना है। यह आयोजन बुनकरों, डिजाइनरों, शोधकर्ताओं, खरीदारों और आम लोगों के बीच संवाद का भी मंच उपलब्ध करा रहा है।
महोत्सव 7 अगस्त तक आम लोगों के लिए खुला रहेगा, जहां वे भारत की विविध और समृद्ध हथकरघा परंपराओं को करीब से देख सकते हैं।
