नई दिल्ली, 25 जुलाई 2026, वाय के न्यूज। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) से तैयार किए जा रहे डीपफेक और फर्जी वीडियो सरकार के लिए नई चुनौती बनते जा रहे हैं। शनिवार को ऐसे दो मामलों में सरकार को आधिकारिक तौर पर सफाई देनी पड़ी। एक मामले में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के बयान से छेड़छाड़ कर वीडियो बनाने का आरोप लगा, जबकि दूसरे में प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि के नाम से एआई आधारित फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आरोप लगाया कि संसद के बाहर मीडिया को दिए गए उनके बयान के साथ छेड़छाड़ कर डीपफेक वीडियो बनाया गया और उसे गलत सूचना फैलाने के उद्देश्य से प्रसारित किया गया। उन्होंने बताया कि इस मामले में दिल्ली के चाणक्यपुरी थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। उनका कहना है कि फर्जी वीडियो बनाने, प्रसारित करने या उसे बढ़ावा देने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उधर, सोशल मीडिया पर प्रसारित एक अन्य वीडियो में दावा किया गया कि नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शनों के कारण 30 हजार सेना के जवानों ने इस्तीफा दे दिया है। पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) की तथ्य जांच इकाई ने इस दावे को पूरी तरह फर्जी बताते हुए कहा कि यह वीडियो एआई की मदद से तैयार किया गया है और प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है।
पीआईबी की फैक्ट चेक इकाई इससे पहले भी कई डीपफेक वीडियो, भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट का खंडन कर चुकी है। हाल के महीनों में इस तरह के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए सरकार लगातार लोगों से अपील कर रही है कि वे किसी भी वीडियो या दावे पर भरोसा करने से पहले उसकी पुष्टि आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों से करें।
