रेलवे ने रचा इतिहास, मुंबई-वडोदरा के बीच दौड़ी दो मंजिला मालगाड़ी

यह समाचार साझा करें

WhatsApp Facebook X

पढ़ने की सुविधा

अपनी सुविधा के अनुसार अक्षर और कंट्रास्ट चुनें।

अक्षर आकार


मुंबई, 22 अगस्त। वाय के न्यूज। मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट से वडोदरा तक शुक्रवार को माल की ढुलाई का एक नया रिकॉर्ड बना। भारतीय रेल ने पहली बार दो मंजिलों में कंटेनर लदी लंबी मालगाड़ी चलाकर एक साथ 360 कंटेनर मुंबई से वडोदरा भेजे। करीब 3,922 टन माल लेकर चली इस मालगाड़ी ने लगभग 422 किलोमीटर का सफर तय किया।
मालगाड़ी 21 अगस्त की शाम 7 बजे जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (JNPT) से रवाना हुई। इसका गंतव्य वडोदरा के वर्णामा में कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (CONCOR) का कंटेनर टर्मिनल था।


दो मालगाड़ियों को जोड़कर बनाई गई लंबी ट्रेन


इस संचालन की सबसे खास बात यह थी कि दो मालगाड़ी रेक को जोड़कर एक लंबी मालगाड़ी बनाई गई। दोनों रेक में कंटेनर दो स्तरों पर रखे गए थे। यानी जहां सामान्य मालगाड़ी में कंटेनर एक स्तर पर होते हैं, यहां उनकी ऊंचाई का इस्तेमाल करते हुए एक कंटेनर के ऊपर दूसरा कंटेनर रखा गया।
दोनों रेक में अलग-अलग इलेक्ट्रिक इंजन लगाए गए थे। पहले रेक का वजन 1,817 टन, जबकि दूसरे का वजन 2,105 टन था। दोनों को मिलाकर मालगाड़ी का कुल वजन करीब 3,922 टन रहा।


एक बार में ज्यादा कंटेनर बाहर


मुंबई का JNPT देश के बड़े कंटेनर बंदरगाहों में है। यहां जहाजों से उतरने वाले कंटेनरों को जल्द से जल्द देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाना जरूरी होता है। बड़ी क्षमता वाली ऐसी मालगाड़ी इस काम को तेज करने में मदद कर सकती है।
एक साथ 360 कंटेनर बाहर भेजे जाने से बंदरगाह और आगे के कंटेनर टर्मिनलों पर माल के जमा रहने का समय कम करने में मदद मिलेगी। इससे टर्मिनल पर भीड़ घट सकती है और माल की निकासी तेज हो सकती है।


कम फेरों में ज्यादा माल


इसका एक और फायदा रेलवे की अपनी क्षमता से जुड़ा है। जब एक बार में ज्यादा कंटेनर भेजे जा सकते हैं तो समान मात्रा का माल पहुंचाने के लिए बार-बार अलग-अलग मालगाड़ियां चलाने की जरूरत कम हो सकती है।
यानी रेलवे के लिए गणित सीधा है—एक संचालन में ज्यादा माल, कम फेरों में ज्यादा ढुलाई और उपलब्ध रेल मार्ग का बेहतर इस्तेमाल।


सड़कों पर भी दिख सकता है असर


कंटेनर माल की लंबी दूरी की ढुलाई रेल से बढ़ने का असर सड़कों पर भी पड़ सकता है। जितना ज्यादा माल रेल से जाएगा, उतने माल के लिए सड़क पर ट्रकों की जरूरत कम हो सकती है।
इससे भारी वाहनों का दबाव, डीजल की खपत और उनसे होने वाला प्रदूषण कम करने में मदद मिल सकती है। इलेक्ट्रिक इंजन से चलने वाली मालगाड़ी होने के कारण यह पहल रेलवे की कम प्रदूषण वाले माल परिवहन की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।


मुंबई से वडोदरा तक एक नया प्रयोग


JNPT से वडोदरा के बीच हुआ यह संचालन केवल ज्यादा कंटेनर ढोने का मामला नहीं है। इसमें दो मंजिलों में कंटेनर लादने और दो मालगाड़ी रेक को जोड़कर लंबी मालगाड़ी चलाने, दोनों का इस्तेमाल एक साथ किया गया।
रेलवे के लिए यह प्रयोग इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि देश में बंदरगाहों से निकलने वाले कंटेनर माल की मात्रा लगातार बढ़ रही है। ऐसे में चुनौती केवल ज्यादा माल ढोने की नहीं, बल्कि एक बार में ज्यादा माल को तेजी से आगे पहुंचाने की भी है।
मुंबई से वडोदरा तक 360 कंटेनरों की यह यात्रा इसी दिशा में रेलवे की बढ़ती क्षमता का एक बड़ा उदाहरण है।

पाठकों की पसंद

सबसे अधिक पढ़े गए

पिछले 7 दिनों के आधार पर