273 किमी रेल सेक्शन में फेंसिंग का प्रावधान, मवेशियों और अनधिकृत प्रवेश से दुर्घटना रोकने में मदद
रायपुर, 26 अगस्त 2026। रेल यात्रियों और आम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रायपुर रेल मंडल द्वारा रेलवे ट्रैक के किनारे सेफ्टी फेंसिंग का काम तेजी से कराया जा रहा है। बिलासपुर-दुर्ग सेक्शन में कुल 273 किलोमीटर में सेफ्टी फेंसिंग का प्रावधान किया गया है। इनमें से अब तक 165.9 किलोमीटर यानी करीब 166 किलोमीटर में काम पूरा हो चुका है।

ट्रैक पर अनधिकृत प्रवेश रोकने में मदद
रेलवे के अनुसार सेफ्टी फेंसिंग से रेलवे ट्रैक के आसपास अनधिकृत प्रवेश को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। इससे पैदल यात्रियों के अनजाने में ट्रैक पर आने के साथ-साथ मवेशियों और जंगली जानवरों के ट्रैक पर पहुंचने की संभावना भी कम होगी।
दुर्घटना और परिचालन बाधित होने का जोखिम घटेगा
ट्रैक पर मवेशियों या जंगली जानवरों के अचानक आने से दुर्घटना की स्थिति बन सकती है। फेंसिंग से ऐसे जोखिमों को कम करने के साथ ट्रेन संचालन में व्यवधान और रेल परिसंपत्तियों को होने वाले नुकसान की संभावना भी घटेगी।
130 किमी प्रति घंटे की गति के लिए भी अहम
रेल मंडल के मुताबिक यात्री ट्रेनों की गति 130 किलोमीटर प्रति घंटे तक बढ़ाने की दिशा में भी सेफ्टी फेंसिंग महत्वपूर्ण है। अधिक गति से चलने वाली ट्रेनों के सामने जानवरों के अचानक आने से गंभीर दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है। सुरक्षित और नियंत्रित रेल कॉरिडोर तैयार होने से तेज एवं सुचारू रेल परिचालन को बढ़ावा मिलेगा।
रायपुर रेल मंडल द्वारा शेष हिस्सों में भी सेफ्टी फेंसिंग का काम प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।
