60 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुआ उपकेंद्र; ढाई लाख से अधिक घरेलू, गैर-घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ
रायपुर, 9 सितंबर, वाय के न्यूज़। राजधानी रायपुर की बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दलदलसिवनी में 220 केवी का नया उपकेंद्र ऊर्जीकृत कर दिया गया है। करीब 60 करोड़ रुपए की लागत से तैयार इस उपकेंद्र से शहर की लगभग 40 प्रतिशत आबादी की बिजली व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। इससे ढाई लाख से अधिक घरेलू, गैर-घरेलू और औद्योगिक मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर ने स्विच ऑन कर उपकेंद्र को ऊर्जीकृत किया। यहां 160 एमवीए का एक और 63 एमवीए के दो ट्रांसफार्मर चालू किए गए हैं। एक अतिरिक्त 160 एमवीए ट्रांसफार्मर अगले दो महीने में स्थापित किया जाएगा।
शहर के साथ औद्योगिक क्षेत्रों को भी फायदा
नए उपकेंद्र से कचना और उरला के लिए 132 केवी की दो लाइनें निकाली गई हैं। इसके अलावा 33 केवी के आठ फीडर प्रस्तावित हैं। इनमें सात फीडर रायपुर शहर और एक रायपुर ग्रामीण क्षेत्र के लिए होगा।
उरला, सिलतरा और मेटल पार्क जैसे औद्योगिक क्षेत्रों की बिजली जरूरतों के लिहाज से भी इस उपकेंद्र को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे राजधानी के भीतर बिजली आपूर्ति के लिए डोमा स्थित 220 केवी उपकेंद्र पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
4.5 किलोमीटर नई मल्टीसर्किट लाइन
परियोजना में 220 केवी की करीब 4.5 किलोमीटर नई मल्टीसर्किट लाइन भी शामिल है। भविष्य में इससे 132 केवी की दो और लाइनें निकाली जा सकेंगी। इनका लाभ सिलतरा, मंदिर हसौद और नवा रायपुर क्षेत्र को मिल सकेगा।
पावर कंपनी के अनुसार कोरबा के मड़वा से आने वाली बिजली 400 केवी नेटवर्क के माध्यम से 400 केवी उपकेंद्र तक पहुंचती है। इसके बाद 220 केवी और 132 केवी नेटवर्क के जरिए बिजली को आगे 33 केवी और 11 केवी उपकेंद्रों तक पहुंचाया जाता है, जहां से घरेलू और अन्य उपभोक्ताओं को आपूर्ति होती है।
करीब 10 एकड़ में बना उपकेंद्र
दलदलसिवनी में यह उपकेंद्र करीब 10 एकड़ क्षेत्र में बनाया गया है। पावर कंपनी के मुताबिक राजधानी के विस्तार और बढ़ती बिजली मांग के बीच शहर के भीतर इस क्षमता का नया उपकेंद्र स्थापित करना चुनौतीपूर्ण था। रायता से दलदलसिवनी तक लाइन बिछाने के काम में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और स्थानीय निकायों के सहयोग से काम पूरा किया गया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और पावर कंपनीज के चेयरमैन सुबोध कुमार सिंह ने परियोजना को राजधानी की बिजली व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए अधिकारी-कर्मचारियों को बधाई दी है।
