राजस्थान, झारखंड, बिहार : तीन राज्य, तीन कहानियां

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रांची/पटना/जयपुर, 21 अगस्त। वाय के न्यूज। झारखंड, बिहार और राजस्थान में शिक्षा तथा सरकारी भर्ती से जुड़े अलग-अलग मुद्दों को लेकर अगस्त में आंदोलन और विवाद सामने आए हैं। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं और नियुक्तियों को लेकर सरकार के फैसले के बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा है। बिहार में शिक्षक भर्ती का विज्ञापन जारी होने के बावजूद अभ्यर्थियों की मांगें बनी हुई हैं। राजस्थान में सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश तथा फोटो-वीडियोग्राफी को लेकर शिक्षा विभाग के निर्देश और उसके बाद हुए घटनाक्रम चर्चा में हैं।

झारखंड: परीक्षा रद्द करने के फैसले पर हाईकोर्ट की रोक

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र आंदोलन के बाद राज्य सरकार ने कई परीक्षाओं को रद्द करने और कुछ मामलों की जांच कराने का फैसला किया। इसके बाद इन परीक्षाओं के जरिए नियुक्त अभ्यर्थियों ने अपने भविष्य को लेकर विरोध शुरू किया।

20 अगस्त को झारखंड हाईकोर्ट ने 11वीं और 13वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) सिविल सेवा परीक्षाओं तथा उनसे हुई नियुक्तियों को रद्द करने के सरकार के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी। इससे इन परीक्षाओं के जरिए नियुक्त अभ्यर्थियों को फिलहाल राहत मिली है।

सरकार की ओर से जिन परीक्षाओं में अनियमितता के आरोपों की जांच कराई जा रही है, उनमें झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाएं भी शामिल हैं। अलग-अलग मामलों में अदालत में याचिकाएं लंबित हैं।

बिहार: 32,388 शिक्षक पदों का विज्ञापन

बिहार में चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) को लेकर अभ्यर्थी लंबे समय से आंदोलन कर रहे थे। पटना के गर्दनीबाग में आंदोलन के दौरान विज्ञापन जारी करने सहित कई मांगें उठाई गईं।

सरकार की ओर से चौथे चरण की शिक्षक भर्ती के लिए 32,388 पदों का विज्ञापन जारी किया गया है। आवेदन प्रक्रिया सितंबर में शुरू होनी है।

विज्ञापन जारी होने के बाद भी अभ्यर्थियों की कुछ मांगें बनी हुई हैं। इनमें परीक्षा प्रक्रिया, नकारात्मक अंकन और भर्ती की अन्य शर्तों में बदलाव की मांग शामिल है। बिहार में 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा को लेकर भी अभ्यर्थियों की ओर से परीक्षा और कथित अनियमितताओं से जुड़े मुद्दे उठाए जा रहे हैं।

राजस्थान: स्कूल में बाहरी प्रवेश और वीडियोग्राफी पर अनुमति

राजस्थान में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू किया। इसी अवधि में सरकारी स्कूलों में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश, फोटो, वीडियोग्राफी, इंटरव्यू और लाइव स्ट्रीमिंग को अनुमति से जोड़ने वाले शिक्षा विभाग के निर्देश सामने आए।

सरकार ने इन निर्देशों का उद्देश्य विद्यार्थियों की निजता, सुरक्षा और स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियों को बनाए रखना बताया है। दूसरी ओर CJP ने इसे अपने स्कूल निरीक्षण अभियान से जोड़कर सवाल उठाए हैं।

21 अगस्त को जयपुर के रामपुरा-कंवरपुरा में CJP की टीम और स्थानीय लोगों के बीच विवाद हुआ। CJP ने हमला, पथराव और वाहन क्षतिग्रस्त करने के आरोप लगाए हैं। स्थानीय लोगों की ओर से इन आरोपों से इनकार किया गया है। पुलिस की ओर से इस मामले में एफआईआर, आरोपियों की गिरफ्तारी और धाराओं के संबंध में आधिकारिक विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं हुई है।

तीन राज्यों में अलग-अलग घटनाक्रम

झारखंड में आंदोलन के बाद परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द करने का फैसला अदालत में पहुंचा है। बिहार में आंदोलन के बीच शिक्षक भर्ती का विज्ञापन जारी हुआ है, जबकि भर्ती की शर्तों को लेकर अभ्यर्थियों की मांगें जारी हैं। राजस्थान में सरकारी स्कूलों में बाहरी प्रवेश और रिकॉर्डिंग पर अनुमति व्यवस्था लागू किए जाने के बाद CJP के अभियान और स्थानीय विरोध का मामला सामने आया है।

तीनों राज्यों में घटनाक्रम अभी जारी है।

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