विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने किया भूमिपूजन; सड़क, नाली, पेयजल और सामुदायिक भवनों से जुड़े काम भी शामिल
राजनांदगांव, 10 अगस्त 2026। राजनांदगांव शहर में करीब 43 करोड़ 61 लाख 26 हजार रुपये की लागत से होने वाले विभिन्न विकास कार्यों का सोमवार को भूमिपूजन किया गया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्यक्रम में इन कार्यों की शुरुआत की। इनमें 15 करोड़ 92 लाख रुपये की लागत से बनने वाला 2,000 सीटों का ऑडिटोरियम प्रमुख परियोजना है।
नया ऑडिटोरियम पार्किंग, कॉरिडोर और एक साथ करीब एक हजार लोगों के भोजन की व्यवस्था जैसी सुविधाओं से लैस होगा। अधिकारियों के मुताबिक, इसके बनने के बाद राजनांदगांव में बड़े सांस्कृतिक, सामाजिक और अन्य सार्वजनिक आयोजनों के लिए एक बड़ा सभागार उपलब्ध होगा।
शहर के अलग-अलग वार्डों में होंगे काम
भूमिपूजन के तहत शहर के विभिन्न वार्डों में सड़क, नाली, विद्युतीकरण, पेयजल, मुक्तिधाम उन्नयन और सामुदायिक भवन से जुड़े काम किए जाएंगे।
15वें वित्त आयोग के अनटाइड ग्रांट से 12 करोड़ 9 लाख 44 हजार रुपये के सड़क, नाली और विद्युतीकरण कार्य प्रस्तावित हैं। वहीं अधोसंरचना मद से 11 करोड़ 57 लाख रुपये की लागत से सड़क, नाली, मुक्तिधाम उन्नयन और सामुदायिक भवन के काम होंगे।
मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत चार वार्डों में सड़क, नाली और सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा 15वें वित्त आयोग के टाइड ग्रांट के पेयजल प्रबंधन घटक से 3 करोड़ 2 लाख 82 हजार रुपये की लागत से पाइपलाइन विस्तार किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान नागरिकों को एक हजार पौधे भी वितरित किए गए।
शहर में पेयजल व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने नगर निगम क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त 10 एमएलडी जल शोधन संयंत्र की जरूरत बताई। उन्होंने गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम के पीछे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के विवाह तथा अन्य सामाजिक आयोजनों के लिए शेड और अतिरिक्त कक्ष बनाने का प्रस्ताव भी रखा।
कई अन्य परियोजनाओं की भी घोषणा
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि राजनांदगांव शहर के लिए कई अन्य परियोजनाओं पर भी काम प्रस्तावित है। गांधी चौक, पोस्ट ऑफिस चौक और नंदई चौक सहित प्रमुख चौकों के सौंदर्यीकरण के लिए करीब 3 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रक्रिया में है।
रानी सागर और बूढ़ा सागर तालाबों के पुनर्विकास के लिए 14 करोड़ रुपये की योजना तैयार की गई है।
इसके अलावा जीई रोड से लखोली कबाड़ी दुकान तक सड़क चौड़ीकरण के लिए 6.85 करोड़ रुपये, आरके नगर चौक से डोंगरगांव रोड तक सड़क निर्माण के लिए 6.90 करोड़ रुपये और बायपास कन्हारपुरी से तिरंगा चौक तक सड़क चौड़ीकरण के लिए 5.50 करोड़ रुपये की स्वीकृति जल्द दिए जाने की जानकारी दी गई।
मोहारा जल संयंत्र के री-मरम्मत कार्य के लिए 4 करोड़ रुपये तथा ढाबा, गौरीनगर और गोकुलनगर में ओवरहेड टैंक निर्माण के लिए 12.61 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी जल्द दिए जाने की बात कही गई।
दो साल में 267 करोड़ मिलने का दावा
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि राज्य में सरकार बनने के बाद पिछले दो वर्षों में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से राजनांदगांव नगर निगम को करीब 267 करोड़ रुपये विकास कार्यों के लिए मिले हैं।
उन्होंने शहर को स्वच्छता के क्षेत्र में देश में अग्रणी बनाने के लिए नागरिकों से नगर निगम के साथ मिलकर काम करने की अपील की।
रेलवे परियोजनाओं का भी जिक्र
सांसद संतोष पांडेय ने कार्यक्रम में राजनांदगांव से जुड़ी रेलवे परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने परमालकसा से खरसिया तक नई रेल लाइन, चौथी रेल लाइन और राजनांदगांव तथा डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशनों के विकास कार्यों का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि गौरीनगर और स्टेशन पारा के अंडरब्रिज का निर्माण दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है, जबकि मोतीपुर अंडरब्रिज का काम जल्द शुरू होगा। डोंगरगढ़ से कटघोरा तक नई रेल लाइन की स्वीकृति का भी उन्होंने उल्लेख किया।
मौजूदा 800 सीटों के ऑडिटोरियम के बाद 2 हजार सीटों की क्षमता
महापौर मधुसूदन यादव ने बताया कि राजनांदगांव में वर्तमान में 800 सीटों का ऑडिटोरियम है। अब 15.92 करोड़ रुपये की लागत से 2,000 सीटों वाले नए ऑडिटोरियम का निर्माण किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि शहर के सभी 51 वार्डों को ध्यान में रखते हुए सड़क, नाली, पेयजल और अधोसंरचना से जुड़े विभिन्न कार्यों का भूमिपूजन किया गया है।
कार्यक्रम में पर्यटन मंडल अध्यक्ष नीलू शर्मा, श्रम कल्याण मंडल अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक अध्यक्ष सचिन बघेल, महापौर मधुसूदन यादव, नगर निगम सभापति पारस वर्मा, पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।
