एक दिन में 10 नवजातों की मौत की खबर; पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव से दो सप्ताह में मांगी रिपोर्ट
कोलकाता, 28 अगस्त 2026। पश्चिम बंगाल के मालदा मेडिकल कॉलेज-अस्पताल में अगस्त के पहले तीन सप्ताह में 60 नवजात शिशुओं की मौत की खबर पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, एक दिन में ही 10 नवजातों की मौत हुई थी।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कहा है कि यदि मीडिया रिपोर्टों में सामने आए तथ्य सही पाए जाते हैं तो मामला मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन से जुड़ा हो सकता है। आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर मामले की विस्तृत रिपोर्ट दो सप्ताह के भीतर पेश करने को कहा है।
27 अगस्त को सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, अगस्त के पहले तीन सप्ताह में हुई 60 मौतों में से 44 नवजातों को उनकी हालत बिगड़ने के बाद बेहतर इलाज के लिए मालदा मेडिकल कॉलेज-अस्पताल रेफर किया गया था।
एक दिन में हुई 10 मौतों के मामले में अस्पताल की ओर से बताया गया कि इनमें आठ बच्चे दूसरी स्वास्थ्य संस्थाओं से गंभीर हालत में रेफर होकर आए थे, जबकि दो का जन्म मालदा मेडिकल कॉलेज-अस्पताल में हुआ था। रिपोर्टों के अनुसार, श्वसन संबंधी परेशानी, पीलिया और हृदय संबंधी जटिलताएं कुछ बच्चों की मौत से जुड़ी बताई गई हैं।
मामले में पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य विभाग ने भी अस्पताल से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रेफरल प्रक्रिया और उन स्वास्थ्य संस्थानों की भूमिका की भी जांच की जा रही है, जहां कुछ नवजातों का पहले इलाज हुआ था।
अब मानवाधिकार आयोग की नोटिस के बाद राज्य सरकार को मौतों से जुड़े तथ्यों, इलाज और रेफरल व्यवस्था सहित पूरे मामले की विस्तृत जानकारी आयोग के सामने रखनी होगी।
