मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद एकलव्य विद्यालय में प्रशासन का एक्शन

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प्राचार्य हटाए गए, अधीक्षिका को नोटिस; प्रभारी प्राचार्य की नियुक्ति, वेतन आहरण पर भी कलेक्टर की अनुमति अनिवार्य

अंबिकापुर, 9 सितंबर, वाय के न्यूज।

सरगुजा के शिवपुर स्थित कन्या एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की छात्राओं के समस्याओं को लेकर पैदल कलेक्टोरेट जाने के मामले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की नाराजगी के बाद जिला प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। प्राचार्य ओम नारायण श्रीवास्तव को पद से हटाकर सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास कार्यालय अंबिकापुर में अटैच कर दिया गया है।

विद्यालय में पीजीटी अंग्रेजी प्रतीक्षा त्रिपाठी को प्रभारी प्राचार्य बनाया गया है। वहीं छात्रावास अधीक्षिका आयुषी सोनी को शासकीय कार्य में लापरवाही के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। मैनपाट एकलव्य विद्यालय से संलग्न शिक्षक अरविंद अशोक तिग्गा को उनकी मूल पदस्थ संस्था के लिए कार्यमुक्त कर दिया गया है।

प्रशासन ने विद्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन आहरण के लिए कलेक्टर की अनुमति अनिवार्य कर दी है। पूरे मामले की जांच के लिए संयुक्त कलेक्टर की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है।

छात्राओं ने विद्यालय में बिजली, शिक्षकों की कमी, नियमित पढ़ाई, मेस और साफ-सफाई से जुड़ी समस्याएं उठाई थीं। इसके बाद मुख्यमंत्री ने सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत से फोन पर बात कर नाराजगी जताई और मामले में जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने कहा था कि बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए छात्राओं को पैदल कलेक्टोरेट पहुंचने की स्थिति नहीं आनी चाहिए।

आदिम जाति कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने भी मामले की जांच रिपोर्ट मांगी है। प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब जांच समिति की रिपोर्ट पर आगे की कार्रवाई होगी।

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