नई दिल्ली, 1 अगस्त 2026, वाय के न्यूज। भारतीय रेलवे ने भ्रष्टाचार, ईमानदारी की कमी और खराब सेवा रिकॉर्ड के मामलों में सख्ती दिखाते हुए ग्रुप ‘ए’ के पांच वरिष्ठ अधिकारियों की समयपूर्व सेवानिवृत्ति की सिफारिश की है।
रेल मंत्रालय के अनुसार, रेलवे बोर्ड की समीक्षा समितियों ने इन अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड का विस्तृत आकलन किया। इसमें वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एपीएआर), ईमानदारी से जुड़े रिकॉर्ड, सतर्कता (विजिलेंस) संबंधी इनपुट, अनुशासनात्मक मामलों और अन्य सेवा अभिलेखों की समीक्षा की गई।
समीक्षा के बाद समितियों ने सार्वजनिक हित में पांच अधिकारियों को समय से पहले सेवानिवृत्त करने की सिफारिश की। इनमें भारतीय रेलवे स्वास्थ्य सेवा (आईआरएचएस) के दो वरिष्ठ अधिकारी, उत्तर रेलवे के दो अधिकारी और पश्चिम रेलवे का एक अधिकारी शामिल हैं।
रेल मंत्रालय ने कहा कि भारतीय रेलवे भ्रष्टाचार, ईमानदारी की कमी और अक्षमता के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है। मंत्रालय का कहना है कि सार्वजनिक सेवा में पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन बनाए रखने के लिए समय-समय पर सेवा रिकॉर्ड की समीक्षा की जाती है और आवश्यक होने पर नियमानुसार कार्रवाई भी की जाती है।
रेलवे ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई भारतीय रेलवे स्थापना संहिता के प्रावधानों के तहत सार्वजनिक हित में की गई है।
