बिजली बिल विवाद : पावर कंपनी ने कहा शिकायत गलत निकली

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रायपुर, 31 जुलाई 2026, वाय के न्यूज। कवर्धा जिले के सिल्हाटी गांव में सोलर संयंत्र लगाने के बाद 1.11 लाख रुपये का बिजली बिल आने के दावे पर छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) ने अपना पक्ष जारी किया है। कंपनी का कहना है कि उसकी जांच में संबंधित बिजली कनेक्शन पर न तो स्मार्ट मीटर मिला और न ही रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित पाया गया। कंपनी ने यह भी कहा कि अधिक बिजली खपत और कई माह का बकाया बिल एक साथ जुड़ने के कारण बिल की राशि बढ़ी।

सीएसपीडीसीएल के अनुसार, मामले की जांच के लिए अधिकारियों की टीम गठित की गई थी। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि संबंधित कनेक्शन पर अभी भी पुराना बिजली मीटर लगा हुआ है और उस पर स्मार्ट मीटर नहीं लगाया गया है। कंपनी का यह भी दावा है कि उस कनेक्शन से संयुक्त परिवार के कई सदस्य बिजली का उपयोग कर रहे हैं तथा पिछले कुछ समय से 8 किलोवाट से अधिक विद्युत भार का इस्तेमाल हो रहा था।

कंपनी के अनुसार, संबंधित उपभोक्ता ने फरवरी 2026 से बिजली बिल का भुगतान नहीं किया था। इसके कारण पांच माह की बकाया राशि वर्तमान बिल में शामिल हो गई, जिससे कुल देय राशि बढ़कर दिखाई दी।

सीएसपीडीसीएल ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत 3-3 किलोवाट क्षमता के रूफटॉप सोलर संयंत्र संबंधित उपभोक्ता के कनेक्शन पर नहीं, बल्कि परिवार के दो अन्य सदस्यों के अलग-अलग नए बिजली कनेक्शनों पर 16 जून 2026 को लगाए गए हैं। इन कनेक्शनों का पहला बिजली बिल अभी जारी नहीं हुआ है। कंपनी का कहना है कि उनका बिल वास्तविक बिजली खपत और ग्रिड में समायोजित सौर ऊर्जा के आधार पर तैयार किया जाएगा।

पावर कंपनी ने कहा है कि उसकी जांच में स्मार्ट मीटर अथवा सोलर संयंत्र के कारण बिजली बिल बढ़ने की पुष्टि नहीं हुई है। साथ ही उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे बिजली बिल या स्मार्ट मीटर से संबंधित किसी भी जानकारी की पुष्टि अधिकृत माध्यमों, स्थानीय विद्युत कार्यालय अथवा टोल-फ्री नंबर 1912 से करें और अपुष्ट या भ्रामक दावों पर भरोसा न करें।

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