रायपुर, 30 अगस्त। कांग्रेस की ओर से छत्तीसगढ़ में बिजली के निजीकरण का आरोप लगाए जाने के सवाल पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे दुष्प्रचार करार दिया है। उन्होंने कहा कि बिजली को लेकर इस तरह की सुनवाई एक रूटीन प्रक्रिया है और इसका मतलब यह नहीं है कि सरकार बिजली का निजीकरण कर रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा, “बिजली को लेकर कांग्रेस लगातार दुष्प्रचार और गलतफहमी में लोगों को डालने का काम कर रही है। इस तरह की सुनवाई एक रूटीन का काम है। इसका मतलब यह नहीं है कि बिजली का हम लोग निजीकरण कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि बिजली व्यवस्था से संबंधित सुनवाई को निजीकरण की प्रक्रिया के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस सरकार पर बिजली क्षेत्र के निजीकरण की दिशा में आगे बढ़ने का आरोप लगा रही है।
बिलासपुर विवाद पर भी बोले सीएम
बिलासपुर में हुए विवाद को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मामला दो लोगों की व्यक्तिगत लड़ाई से उपजा था। उन्होंने दावा किया कि अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, “बिलासपुर में दो लोगों की व्यक्तिगत लड़ाई से विवाद उपजा था और आज वह पूरी तरह नियंत्रण में है।”
मुख्यमंत्री ने दोनों मुद्दों पर सरकार का पक्ष स्पष्ट करते हुए कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया।
नशामुक्त युवा, विकसित भारत अभियान पर CM साय ने कहा- नशामुक्ति के लिए मिलकर काम करना जरूरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान को लेकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने युवाओं और समाज के सभी वर्गों से नशामुक्ति के लिए मिलकर काम करने की अपील की है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान की शुरुआत की है और यह बेहद जरूरी पहल है। उन्होंने कहा कि सभी को शपथ लेकर नशामुक्ति के क्षेत्र में काम करने की आवश्यकता है, क्योंकि नशे से युवा पीढ़ी सबसे अधिक प्रभावित हो रही है।
साय ने कहा, “नशा सिर्फ युवाओं के शरीर के लिए ही नहीं, बल्कि व्यक्ति, परिवार और समाज के लिए भी नुकसानदायक है।” उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए।
पीएम मोदी ने भी युवाओं से की अपील
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में नशामुक्त भारत अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं, संगीतकारों और कंटेंट क्रिएटर्स से नशामुक्त जीवन का संदेश देने वाले प्रभावी नारे, गीत और विभिन्न भाषाओं में कंटेंट तैयार करने की अपील की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि नशे की लत का असर केवल व्यक्ति पर नहीं पड़ता, बल्कि पूरे परिवार और समाज को इसके परिणाम भुगतने पड़ते हैं। उन्होंने नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और नशे की लत से जूझ रहे लोगों की मदद के लिए आगे आने वालों की सराहना भी की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है।
