नई दिल्ली, 21 अगस्त। वाय के न्यूज। केंद्र सरकार के पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान में अब डिजिटल लेन-देन से मिलने वाले स्थानीय स्तर के आर्थिक संकेत भी शामिल किए जाएंगे। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) ने इसके लिए फोनपे के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया है।
एमओयू के तहत फोनपे के एंटरप्राइज डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म फोनपे पल्सप्रो के मेट्रिक्स को पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान पोर्टल में शामिल किया जाएगा। पोर्टल का प्रबंधन भास्कराचार्य नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस एप्लीकेशन एंड जियो-इन्फॉर्मेटिक्स (बीआईएसएजी-एन) के साथ मिलकर किया जाता है।
एमईआईटीवाई के अनुसार, इससे सरकारी योजनाकारों को फोनपे के डिजिटल लेन-देन इकोसिस्टम से मिलने वाली सूक्ष्म और स्थानीय स्तर की जानकारी उपलब्ध होगी। इस जानकारी का इस्तेमाल मौजूदा डेटासेट को बेहतर बनाने तथा बुनियादी ढांचे की योजना, आर्थिक विश्लेषण और शहरी एवं ग्रामीण विकास से जुड़े फैसलों में किया जा सकेगा।
फोनपे पल्सप्रो एकत्रित और गुमनाम लेन-देन संबंधी डेटा को हाइपरलोकल जानकारी में बदलता है। इससे अलग-अलग इलाकों, बाजारों और श्रेणियों में आर्थिक गतिविधियों के रुझानों को समझने में मदद मिलती है।
एमईआईटीवाई के सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि डेटा आधारित इंटेलिजेंस बेहतर जानकारी के आधार पर योजना बनाने और निर्णय लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उनके अनुसार, फोनपे पल्सप्रो से मिलने वाली सूक्ष्म और स्थानीय जानकारी मौजूदा डेटासेट को मजबूत करने के साथ विभिन्न बाजारों और क्षेत्रों में उभरते रुझानों को समझने में मदद कर सकती है।
फोनपे के रणनीति प्रमुख कार्तिक रघुपति ने कहा कि फोनपे पल्सप्रो सूक्ष्म, हाइपरलोकल और लगभग वास्तविक समय के बाजार संकेत उपलब्ध कराता है। उन्होंने कहा कि इन जानकारियों को एमईआईटीवाई के साथ साझा करने से डेटा आधारित बुनियादी ढांचा योजना-निर्माण में योगदान देने की उम्मीद है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस पहल के तहत इस्तेमाल होने वाला डेटा एकत्रित और गुमनाम लेन-देन संबंधी जानकारी पर आधारित है। इसका घोषित उद्देश्य व्यक्तिगत लेन-देन की निगरानी के बजाय योजना-निर्माण और आर्थिक गतिविधियों के स्थानीय रुझानों को समझने के लिए अतिरिक्त डेटा उपलब्ध कराना है।
