नई दिल्ली, 17 अगस्त। वाय के न्यूज। छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध लोक कलाकार, रंगकर्मी और पद्मश्री सम्मानित अनूप रंजन पांडेय को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार प्रदान किया। पांडेय को वर्ष 2025 के संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार के लिए लोक एवं जनजातीय कला के क्षेत्र में चुना गया था।
अनूप रंजन पांडेय छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और रंगमंच को देश-विदेश में पहचान दिलाने वाले प्रमुख कलाकारों में शामिल हैं। वे ‘बस्तर बैंड’ के संस्थापक हैं। इस बैंड के माध्यम से उन्होंने बस्तर के पारंपरिक और दुर्लभ वाद्ययंत्रों तथा जनजातीय संगीत को बड़े मंच तक पहुंचाया है।
संगीत नाटक अकादमी की ओर से वर्ष 2024 और 2025 के लिए घोषित पुरस्कारों में कुल 108 कलाकारों का चयन किया गया था। इनमें संगीत, नृत्य, रंगमंच, लोक एवं जनजातीय कला, कठपुतली तथा प्रदर्शनकारी कलाओं के विभिन्न क्षेत्र शामिल हैं।
अनूप रंजन पांडेय को वर्ष 2019 में पद्मश्री से भी सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने वरिष्ठ रंगकर्मी हबीब तनवीर के ‘नया थिएटर’ से जुड़कर छत्तीसगढ़ी लोक रंगमंच को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
पांडेय ने लोकगीतों, लोककथाओं और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के संरक्षण के लिए भी लंबे समय से काम किया है। ‘बस्तर बैंड’ के माध्यम से उन्होंने बस्तर की समृद्ध जनजातीय संगीत परंपरा और पारंपरिक वाद्ययंत्रों को नई पहचान दिलाई है।
संगीत नाटक अकादमी के अनुसार पांडेय को वर्ष 2025 के अकादमी पुरस्कार के लिए चुना गया था। राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कार प्रदान किए जाने के साथ छत्तीसगढ़ की लोक एवं जनजातीय कला के क्षेत्र में उनके लंबे योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर एक और महत्वपूर्ण सम्मान मिला है।
