नीट प्रदर्शनकारियों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने के लिए सरकारें स्वतंत्र: सुप्रीम कोर्ट

यह समाचार साझा करें

WhatsApp Facebook X

पढ़ने की सुविधा

अपनी सुविधा के अनुसार अक्षर और कंट्रास्ट चुनें।

अक्षर आकार

नई दिल्ली, 4 अगस्त 2026 (वाय के न्यूज)। सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली सरकार और अन्य राज्य सरकारें जंतर-मंतर तथा देश के विभिन्न हिस्सों में हाल में हुए नीट पेपर लीक विरोधी प्रदर्शनों में शामिल छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामूली मामलों की एफआईआर वापस लेने या बंद करने के लिए स्वतंत्र हैं।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि 28 जुलाई के उसके आदेश का आशय केवल उन मामलों से था, जिनमें गंभीर और जघन्य अपराधों के आरोप हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे गंभीर मामलों को छोड़कर अन्य मामलों में सरकारें अपने स्तर पर उचित निर्णय ले सकती हैं।

सुप्रीम कोर्ट नीट पेपर लीक के विरोध में 20 जुलाई को जंतर-मंतर और अन्य स्थानों पर हुए प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कथित अत्यधिक सख्ती के आरोपों से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है। दूसरी ओर, प्रदर्शन के दौरान घायल हुए पुलिसकर्मियों के परिजनों ने भी अदालत में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस पर हमले का आरोप लगाया है।

सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि वह पुलिस की कथित अत्यधिक कार्रवाई के आरोपों की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने या किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में जांच समिति बनाने पर विचार कर रही है। मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी।

पाठकों की पसंद

सबसे अधिक पढ़े गए

पिछले 7 दिनों के आधार पर