नई दिल्ली, 4 अगस्त 2026 (वाय के न्यूज)। डाक विभाग ने देश के प्रख्यात चित्रकार, मूर्तिकार, वास्तुकार और लेखक सतीश गुजराल की जन्मशती के अवसर पर उनकी स्मृति में एक विशेष स्मारक डाक टिकट जारी किया। नई दिल्ली के बीकानेर हाउस में आयोजित समारोह में केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने इसका विमोचन किया। कार्यक्रम में डाक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, प्रसिद्ध चित्रकार जतिन दास, कला विशेषज्ञों तथा गुजराल परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे।

इस अवसर पर सिंधिया ने कहा कि सतीश गुजराल का जीवन रचनात्मक प्रतिभा, दृढ़ संकल्प और नवाचार का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने चित्रकला, मूर्तिकला, वास्तुकला और लेखन के क्षेत्र में जो योगदान दिया, वह आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करता रहेगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि डाक टिकट आकार में भले ही छोटे होते हैं, लेकिन वे भारत की आत्मा, इतिहास, संस्कृति और सामूहिक स्मृतियों को अपने भीतर समेटे रहते हैं। उनके अनुसार, डाक टिकट शहरों से गांवों तक पहुंचकर देश की सांस्कृतिक विरासत को पीढ़ी-दर-पीढ़ी संरक्षित रखने का कार्य करते हैं।
सिंधिया ने बताया कि सतीश गुजराल का डाक विभाग से भी गहरा जुड़ाव रहा। उन्होंने कई स्मारक डाक टिकटों की डिजाइन तैयार की थी। वीएसएनएल की 125वीं वर्षगांठ और वित्तीय समावेशन जैसे विषयों पर उनके बनाए डाक टिकट उनकी कलात्मक दृष्टि और रचनात्मक सोच को दर्शाते हैं।
जारी किए गए स्मारक डाक टिकट में सतीश गुजराल को हाथ में पेंटब्रश लिए सृजनरत दिखाया गया है। इसकी पृष्ठभूमि उनकी विशिष्ट कलाशैली से प्रेरित रंगों और आकृतियों पर आधारित है। टिकट का डिजाइन अनुज कुमार ने तैयार किया है, जबकि इसका प्रस्ताव रसील गुजराल अंसल ने दिया था।
सतीश गुजराल का रचनात्मक सफर सात दशक से अधिक समय तक फैला रहा। पद्म विभूषण से सम्मानित गुजराल ने भारतीय कला, वास्तुकला और संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डाक विभाग ने कहा कि यह स्मारक डाक टिकट उनके बहुआयामी योगदान और समृद्ध कलात्मक विरासत को श्रद्धांजलि है।
