लंबित मामलों की संख्या और अपराधों में बढ़ोतरी पर जताई चिंता, केंद्र और राज्यों को बुनियादी ढांचा व स्टाफ जुटाने को कहा
नई दिल्ली, 7 सितंबर, वाय के न्यूज। देशभर में नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में बढ़ोतरी और लंबित मामलों की संख्या पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई है। कोर्ट ने केंद्र सरकार तथा राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को NDPS मामलों की जल्द सुनवाई के लिए आवश्यक विशेष अदालतें गठित करने की दिशा में कदम उठाने को कहा है। इसके लिए छह सप्ताह के भीतर प्रक्रिया आगे बढ़ाने की कोशिश करने का निर्देश दिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि NDPS अधिनियम के तहत लंबित मामलों और देशभर में इस कानून के तहत अपराधों में बढ़ोतरी को देखते हुए मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए जरूरी विशेष अदालतों की स्थापना न्यायहित में आवश्यक है।
449 अदालतों की जरूरत, 176 पहले से स्थापित
अदालत के समक्ष रखी गई जानकारी के अनुसार देश में NDPS मामलों की सुनवाई के लिए 449 विशेष अदालतों की आवश्यकता बताई गई है। इनमें से 176 अदालतें स्थापित की जा चुकी हैं। शेष अदालतों के गठन की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से आवश्यक न्यायिक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने और अदालतों के संचालन के लिए जरूरी कर्मचारियों की नियुक्ति की दिशा में कार्रवाई करने को कहा है।
सिर्फ अदालतें नहीं, सुनवाई की रफ्तार भी मुद्दा
NDPS मामलों में विशेष अदालतों का उद्देश्य ऐसे मामलों की सुनवाई को सामान्य आपराधिक मामलों से अलग प्राथमिकता देते हुए तेज करना है। अदालत के निर्देश ऐसे समय आए हैं जब नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों का बोझ न्यायिक व्यवस्था पर लगातार बढ़ रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस स्थिति को गंभीर बताते हुए लंबित मामलों के निपटारे के लिए विशेष न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत रेखांकित की है।
