छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट; नदियों के जलस्तर पर नजर
नई दिल्ली/रायपुर, 29 जुलाई 2026, वाय के न्यूज। मानसून के सक्रिय दौर के बीच देश के कई राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। पूर्वोत्तर के असम में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 75 हो गई है, जबकि कई अन्य राज्यों में नदियों और नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन सतर्क है।
असम में बाढ़ से 75 मौतें, राहत कार्य तेज
असम में बाढ़ की स्थिति अब धीरे-धीरे सामान्य होने लगी है। ऊपरी असम के प्रभावित जिलों में कई क्षेत्रों से पानी उतर रहा है और बिजली समेत आवश्यक सेवाओं की बहाली शुरू कर दी गई है। हालांकि राहत और पुनर्वास का काम जारी है।
अकेले शिवसागर जिले में सात नई मौतें दर्ज की गई हैं, जिसके बाद बाढ़ संबंधी घटनाओं में मृतकों का आंकड़ा 75 पहुंच गया।
मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने बाढ़ में जान गंवाने वालों के परिवारों को सहायता देने की घोषणा की है। मृतकों के परिवारों को अनुग्रह राशि के साथ मुख्यमंत्री राहत कोष से अतिरिक्त सहायता देने का प्रावधान किया गया है। गंभीर रूप से प्रभावित परिवारों को तत्काल जरूरतों के लिए आर्थिक सहायता भी दी जाएगी।
सरकार ने प्रभावित जिलों में घर, पशुधन, मत्स्य पालन और फसलों को हुए नुकसान का आकलन शुरू करने की तैयारी की है, जिसके आधार पर पात्र लोगों को मुआवजा दिया जाएगा।
देश के अन्य राज्यों में बारिश का असर
बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र के कारण पूर्वी और मध्य भारत में बारिश की गतिविधियां तेज हुई हैं। मौसम विभाग ने ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
महाराष्ट्र, गुजरात, ओडिशा और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश के कारण जलभराव और नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन सतर्क है।
छत्तीसगढ़ में बारिश और जलस्तर पर नजर
छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग ने प्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताते हुए चेतावनी जारी की है।
बस्तर संभाग
- इंद्रावती, शबरी और अन्य सहायक नदियों के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।
- बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और कोंडागांव के वन क्षेत्रों में छोटे नदी-नालों में तेज बहाव की स्थिति बन सकती है।
- ग्रामीण मार्गों और पुल-पुलियों पर प्रशासन निगरानी रख रहा है।
रायपुर संभाग
- महानदी, खारून, पैरी और जोंक जैसी नदियों के जलस्तर पर नजर है।
- निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए सतर्कता बरती जा रही है।
दुर्ग संभाग
- शिवनाथ नदी और उसकी सहायक धाराओं की स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है।
- राजनांदगांव, दुर्ग और आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश से नदी-नालों में बहाव बढ़ सकता है।
बिलासपुर संभाग
- अरपा, हसदेव और महानदी तंत्र के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।
- कोरबा, बिलासपुर और जांजगीर-चांपा क्षेत्रों में बारिश के प्रभाव की निगरानी जारी है।
सरगुजा संभाग
- पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक तेज बहाव वाले नालों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।
- बलरामपुर, सूरजपुर और सरगुजा जिलों में प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने, जलभराव वाले रास्तों को पार नहीं करने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।
कुल मिलाकर, असम में बाढ़ से राहत की दिशा में सुधार दिख रहा है, जबकि छत्तीसगढ़ सहित मध्य और पूर्वी भारत में सक्रिय मानसून के कारण अगले कुछ दिन जलस्तर और बारिश की स्थिति के लिहाज से महत्वपूर्ण बने हुए हैं।
