चंद्रशेखर आजाद के साथी रहे सुखदेव राज की प्रतिमा का 24 अगस्त को होगा अनावरण, डॉ. रमन सिंह होंगे मुख्य अतिथि
रायपुर, 11 अगस्त 2026। चंद्रशेखर आजाद के निकट सहयोगी और स्वतंत्रता आंदोलन के महान क्रांतिकारी सुखदेव राज का जीवन का अंतिम दौर छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के ग्राम अण्डा से जुड़ा रहा। अब उनकी इसी ऐतिहासिक स्मृति को स्थायी रूप देने के लिए दुर्ग में उनकी प्रतिमा स्थापित की गई है, जिसका अनावरण 24 अगस्त को किया जाएगा। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, छत्तीसगढ़ ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया है, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है।
महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष वीरेंद्र नामदेव के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को रायपुर में डॉ. रमन सिंह से उनके निवास कार्यालय में मुलाकात कर उन्हें समारोह का निमंत्रण दिया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि यह आयोजन स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारियों की स्मृतियों को सम्मान देने और नई पीढ़ी को उनके संघर्ष तथा राष्ट्रभक्ति से परिचित कराने की पहल का हिस्सा है।
अण्डा में कुष्ठ पीड़ितों की सेवा से जुड़ा था जीवन
सुखदेव राज केवल क्रांतिकारी गतिविधियों तक सीमित नहीं रहे। उनके जीवन का अंतिम चरण दुर्ग जिले के ग्राम अण्डा में बीता, जहां वे कुष्ठ पीड़ितों की सेवा से भी जुड़े रहे। यही कारण है कि दुर्ग में उनकी प्रतिमा की स्थापना उनके क्रांतिकारी जीवन के साथ-साथ छत्तीसगढ़ से उनके गहरे जुड़ाव को भी स्मरण करने का अवसर है।
आजाद के साथी, क्रांतिकारी आंदोलन की महत्वपूर्ण कड़ी
सुखदेव राज को चंद्रशेखर आजाद के निकट सहयोगियों में माना जाता है। 27 फरवरी 1931 को इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क में आजाद के साथ उनकी मौजूदगी का उल्लेख मिलता है। पुलिस से मुठभेड़ के दौरान आजाद ने उन्हें वहां से निकल जाने को कहा था।
पेंशनर्स महासंघ की सामाजिक पहल
महासंघ के प्रतिनिधियों ने बताया कि संगठन पेंशनरों के हितों के साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्य भी कर रहा है। सुखदेव राज की प्रतिमा की स्थापना इसी पहल का हिस्सा है।
डॉ. रमन सिंह ने आमंत्रण स्वीकार करते हुए कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों और क्रांतिकारियों के योगदान को याद रखना तथा उनकी स्मृतियों को जीवित रखना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने महासंघ की इस पहल की सराहना की।
