दिल्ली में पत्रकारों पर हमले की छत्तीसगढ़ के प्रमुख प्रेस क्लबों ने की कड़ी निंदा, सख्त कार्रवाई की मांग

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रायपुर, 24 जुलाई। नई दिल्ली के जंतर-मंतर में कवरेज के दौरान पत्रकारों के साथ हुई कथित मारपीट और दुर्व्यवहार की घटना की छत्तीसगढ़ के प्रमुख प्रेस क्लबों ने कड़ी निंदा की है। कोरबा प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह के अवसर पर आयोजित बैठक में पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव पारित किया गया।

बैठक में रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी ने निंदा प्रस्ताव रखा, जिसका समर्थन बिलासपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष अजीत मिश्रा और कोरबा प्रेस क्लब के अध्यक्ष नौशाद खान ने किया। बैठक में मौजूद वरिष्ठ पत्रकारों और प्रेस क्लब पदाधिकारियों ने कहा कि समाचार संकलन के दौरान पत्रकारों पर हो रहे हमले लोकतंत्र और स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं।

प्रस्ताव में कहा गया कि जंतर-मंतर में कवरेज कर रहे पत्रकारों के साथ कथित मारपीट, मोबाइल और घड़ी छीनने, कपड़े फाड़ने तथा पत्रकारिता उपकरणों को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाएं न केवल निंदनीय हैं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रेस की स्वतंत्रता पर भी सीधा हमला हैं।

रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी ने कहा कि पत्रकारों पर हमला लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को कमजोर करने का प्रयास है। उन्होंने केंद्र सरकार और दिल्ली प्रशासन से दोषियों के खिलाफ त्वरित एवं कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

बैठक में पारित प्रस्ताव का समर्थन भिलाई प्रेस क्लब के अध्यक्ष अनिल गुप्ता, दुर्ग प्रेस क्लब के अध्यक्ष संतोष मिश्रा, राजनांदगांव प्रेस क्लब के अध्यक्ष सचिन अग्रहरि, जगदलपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मनीष गुप्ता तथा कांकेर प्रेस क्लब के अध्यक्ष योगेश सिन्हा ने भी किया। सभी ने पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई।

प्रेस क्लब प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा लोकतंत्र की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए सुरक्षित वातावरण आवश्यक है और पत्रकारों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा स्वीकार नहीं की जा सकती।

रायपुर प्रेस क्लब की संयुक्त सचिव निवेदिता साहू ने yadakada.in को भेजी गई विज्ञप्ति में बताया कि कोरबा में आयोजित बैठक में रायपुर, बिलासपुर और कोरबा प्रेस क्लब के पदाधिकारियों एवं वरिष्ठ पत्रकारों ने भाग लिया। विज्ञप्ति के अनुसार, छत्तीसगढ़ के अन्य प्रमुख प्रेस क्लबों ने भी निंदा प्रस्ताव का समर्थन करते हुए पीड़ित पत्रकारों के साथ एकजुटता जताई और दोषियों के खिलाफ शीघ्र एवं सख्त कार्रवाई की मांग की।

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