2016 की घटना के बाद हाथ-पैरों की कार्यक्षमता प्रभावित हुई, लंबे इलाज से नहीं मिली राहत; सोशल मीडिया पर दर्द सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान
रायपुर, 10 सितंबर। वाय के न्यूज़।
दस साल से बिस्तर पर पड़े 29 वर्षीय शशिकांत भरत की जिंदगी इलाज, दर्द और इंतजार के बीच गुजरती रही। धमतरी जिले के ग्राम देवपुर के रहने वाले शशिकांत की हालत ऐसी हुई कि बेहतर इलाज की उम्मीद टूटने पर उन्होंने इच्छा मृत्यु की मांग तक कर दी।
अब उनकी कहानी का एक नया मोड़ आया है। सोशल मीडिया के माध्यम से उनकी गंभीर स्थिति की जानकारी सामने आने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उनसे फोन पर बात की और बेहतर इलाज की व्यवस्था के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने 9 सितंबर की शाम शशिकांत को एम्स रायपुर में भर्ती कराया। विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उनका उपचार शुरू हो गया है। उनके इलाज के लिए 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी स्वीकृत की गई है।

50 दिन कोमा में रहे, फिर हाथ-पैरों ने साथ छोड़ा
शशिकांत के अनुसार वर्ष 2016 में हुई एक घटना के बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई। उन्हें गंभीर चोटें आईं और करीब 50 दिनों तक कोमा में रहना पड़ा।
इसके बाद सर्वाइकल संबंधी समस्या के कारण उनके हाथ-पैरों की कार्यक्षमता प्रभावित हो गई। परिवार ने उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में दिखाया और लंबे समय तक इलाज कराया, लेकिन उनकी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
इलाज की उम्मीद खत्म हुई तो मांगी इच्छा मृत्यु
लगातार स्वास्थ्य समस्याओं और इलाज से राहत नहीं मिलने के बीच शशिकांत ने अधिकारियों और मुख्यमंत्री को आवेदन देकर इच्छा मृत्यु की अनुमति देने की मांग की थी। उनकी पीड़ा सोशल मीडिया के जरिए सामने आई, जिसके बाद मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा।
मुख्यमंत्री ने शशिकांत से फोन पर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। इसके बाद उन्हें एम्स रायपुर में भर्ती कराने और उपचार के लिए आर्थिक सहायता देने की व्यवस्था की गई।
अब परिवार की नजर इलाज पर
एम्स में उपचार शुरू होने के बाद शशिकांत और उनके परिवार के सामने फिलहाल सबसे बड़ी उम्मीद यही है कि विशेषज्ञ उपचार से उनकी स्थिति में सुधार हो। लंबे समय बाद उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा मिली है।
शशिकांत ने मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं फोन कर हालचाल पूछने और उपचार की व्यवस्था कराने के लिए आभार जताया।
