नई दिल्ली, 6 अगस्त 2026। केंद्र सरकार वैज्ञानिक अनुसंधान और नई दवाओं के परीक्षण में पशुओं पर निर्भरता कम करने के लिए आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा दे रही है। सरकार का मानना है कि इससे दवा अनुसंधान अधिक तेज, सटीक और प्रभावी हो सकेगा।
राज्यसभा में एक लिखित जवाब में केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि आईसीएमआर, सीएसआईआर और जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) ऑर्गन-ऑन-चिप, 3डी टिश्यू, स्टेम सेल और कंप्यूटर आधारित तकनीकों पर काम कर रहे हैं। हालांकि, फिलहाल ये तकनीकें पशु परीक्षण का पूरी तरह विकल्प नहीं बनी हैं।
सरकार के अनुसार:
- आईसीएमआर ने गैर-पशु परीक्षण से जुड़ी 109 शोध परियोजनाओं को मंजूरी दी है। ये 71 संस्थानों में चल रही हैं।
- सीएसआईआर की 8 प्रयोगशालाएं आधुनिक गैर-पशु परीक्षण तकनीकों पर काम कर रही हैं।
- बेंगलुरु स्थित BRIC-inStem और फरीदाबाद स्थित BRIC-THSTI में नई दवाओं के परीक्षण के लिए उन्नत प्रयोगशालाएं विकसित की गई हैं।
- बीआईआरएसी (BIRAC) भी ऑर्गेनॉइड और ऑर्गन-ऑन-चिप जैसी तकनीकों के विकास के लिए आर्थिक सहायता दे रहा है।
सरकार का कहना है कि इन नई तकनीकों से भविष्य में दवाओं के परीक्षण के लिए पशुओं का उपयोग कम किया जा सकेगा। साथ ही नई दवाओं के विकास की प्रक्रिया भी अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनेगी। फिलहाल जटिल शोध कार्यों में पशु परीक्षण की आवश्यकता पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।
