टेक्सटाइल में छत्तीसगढ़ की नई उड़ान: नवा रायपुर बनेगा सेंट्रल इंडिया का हब

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1000 रोजगार वाली इकाइयों को खास प्रोत्साहन

नई दिल्ली, 4 सितंबर 2026, वाय के न्यूज। छत्तीसगढ़ अब टेक्सटाइल उद्योग में बड़ी छलांग लगाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह से मुलाकात कर राज्य में टेक्सटाइल और अपैरल उद्योग के विस्तार, निवेश और रोजगार की संभावनाओं पर चर्चा की। राज्य सरकार ने टेक्सटाइल को औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में थ्रस्ट सेक्टर का दर्जा दिया है और एक हजार से अधिक लोगों को रोजगार देने वाली औद्योगिक इकाइयों के लिए विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रम आधारित टेक्सटाइल और अपैरल उद्योग प्रदेश के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा कर सकता है। सरकार का लक्ष्य केवल कुछ उत्पादन इकाइयां स्थापित करना नहीं, बल्कि नवा रायपुर अटल नगर में डिजाइन, उत्पादन, कौशल, तकनीक और बाजार को जोड़कर पूरा टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग इको-सिस्टम तैयार करना है।

नवा रायपुर में बनेगा टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर

साय ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि नवा रायपुर में टेक्सटाइल क्षेत्र की नई इकाइयों की स्थापना को गति मिल रही है। सरकार यहां ऐसा औद्योगिक वातावरण तैयार करना चाहती है, जिसमें उत्पादन के साथ डिजाइन, तकनीकी प्रशिक्षण, कौशल विकास और बाजार की सुविधाएं भी एक ही इको-सिस्टम का हिस्सा हों।

टेक्सटाइल उद्योग के विस्तार से केवल फैक्ट्रियों में रोजगार नहीं बढ़ेगा, बल्कि कच्चे माल, परिवहन, पैकेजिंग, डिजाइन, लॉजिस्टिक्स और अन्य सहायक क्षेत्रों में भी स्थानीय कारोबार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

1000 रोजगार वाली इकाइयों पर खास नजर

नई औद्योगिक नीति में बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करने वाली इकाइयों को विशेष प्रोत्साहन देने की व्यवस्था की गई है। एक हजार से अधिक लोगों को रोजगार देने वाले उद्योगों के लिए विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान इसी रणनीति का हिस्सा है।

सरकार टेक्सटाइल क्षेत्र को इसलिए भी महत्वपूर्ण मान रही है क्योंकि यह अपेक्षाकृत अधिक श्रम आधारित उद्योग है और इसमें महिलाओं तथा युवाओं के लिए बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।

चांपा के कोसा को मिलेगा आधुनिक बाजार

बैठक में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक वस्त्र विरासत को आधुनिक टेक्सटाइल उद्योग से जोड़ने पर भी जोर रहा। मुख्यमंत्री ने चांपा के कोसा सिल्क का विशेष उल्लेख किया।

सरकार की कोशिश है कि सदियों पुराने स्थानीय बुनकरी कौशल को आधुनिक डिजाइन, फैशन, ब्रांडिंग और बाजार से जोड़ा जाए, ताकि पारंपरिक उत्पाद केवल स्थानीय बाजार तक सीमित न रहें और उन्हें राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार मिल सके।

NIFT से डिजाइन और तकनीक को मिलेगी धार

छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित National Institute of Fashion Technology (NIFT) को भी इस पूरी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। इससे प्रदेश के युवाओं को फैशन डिजाइन, टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी और आधुनिक परिधान उद्योग से जुड़े क्षेत्रों में प्रशिक्षण के अवसर मिलेंगे।

NIFT, स्थानीय बुनकरों और नई औद्योगिक इकाइयों के बीच बेहतर तालमेल बनने पर कोसा जैसे पारंपरिक उत्पादों को आधुनिक डिजाइन और नए बाजार से जोड़ने की संभावनाएं बढ़ेंगी।

केंद्र ने दिया तकनीक और नवाचार में सहयोग का भरोसा

केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने छत्तीसगढ़ में टेक्सटाइल उद्योग को बढ़ावा देने के राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि टेक्सटाइल और अपैरल क्षेत्र में देश के साथ वैश्विक बाजार में भी बड़ी संभावनाएं हैं।

केंद्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ को आधुनिक तकनीक, नवाचार, कौशल विकास और टेक्सटाइल क्षेत्र के विस्तार में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। उन्होंने केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय को इस क्षेत्र के विकास के लिए जरूरी बताया।

लक्ष्य सिर्फ निवेश नहीं, रोजगार और स्थानीय हुनर को बाजार

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं है। कोशिश है कि निवेश के साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार मिले, स्थानीय उद्यमिता बढ़े और छत्तीसगढ़ की पारंपरिक वस्त्र कला को आधुनिक बाजार से जोड़ा जाए।

उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति, नवा रायपुर में विकसित हो रहा औद्योगिक इको-सिस्टम और NIFT जैसे संस्थानों के जरिए छत्तीसगढ़ को सेंट्रल इंडिया के प्रमुख टेक्सटाइल और अपैरल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

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