झीरम घाटी कांड: नहीं आया फैसला, NIA की विशेष अदालत ने 5 सितंबर तक टाला

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जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में सोमवार, 31 अगस्त को प्रस्तावित फैसला नहीं सुनाया गया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जगदलपुर स्थित एनआईए की विशेष अदालत ने निर्णय सुनाने की तारीख बढ़ाकर 5 सितंबर 2026 कर दी है।

इस मामले में अंतिम बहस पूरी होने के बाद अदालत ने पहले 31 अगस्त को फैसला सुनाने की तारीख तय की थी। मामले की सुनवाई 13 वर्षों से अधिक समय से चल रही है। इस दौरान अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से 101 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए हैं।

11 आरोपियों में अब 10 के खिलाफ सुनवाई

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, मामले में शुरुआत में 11 आरोपियों के खिलाफ ट्रायल शुरू हुआ था। इनमें से एक आरोपी की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो चुकी है। अब 10 आरोपियों के खिलाफ फैसला आना है।

एनआईए ने इस मामले में पहले नौ गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ सितंबर 2014 में चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद सितंबर 2015 में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की गई। लंबे ट्रायल के दौरान करीब 294 सुनवाइयां हुईं।

25 मई 2013 को हुआ था हमला

झीरम घाटी में 25 मई 2013 को कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के काफिले पर माओवादियों ने हमला किया था। हमले में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंद कुमार पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा, उदय मुदलियार सहित कांग्रेस के कई नेता और अन्य लोग मारे गए थे। विभिन्न रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 27 से 28 बताई गई है।

हमले के दो दिन बाद एनआईए ने जांच अपने हाथ में ली थी। बाद में इस मामले को लेकर राज्य स्तर पर एसआईटी जांच भी शुरू हुई थी। झीरम मामले में हमले की व्यापक साजिश को लेकर राजनीतिक और कानूनी स्तर पर अलग-अलग सवाल उठते रहे हैं।

अब इस मामले में एनआईए की विशेष अदालत के 5 सितंबर के फैसले पर नजर रहेगी।

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