छत्तीसगढ़ के बांध लबालब: कई जलाशय 100% भरे, गंगरेल-बांगो 90% के पार

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रायपुर। लगातार बारिश और जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी की आवक बढ़ने के कारण छत्तीसगढ़ के कई प्रमुख जलाशयों में जलस्तर तेजी से बढ़ा है। जल संसाधन विभाग के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 27 अगस्त तक राज्य के महत्वपूर्ण जलाशयों में कुल लाइव स्टोरेज 88.16 प्रतिशत पहुंच गया था। कई जलाशय 100 प्रतिशत तक भर चुके थे, जबकि गंगरेल और मिनिमाता बांगो जैसे बड़े जलाशय भी 90 प्रतिशत से अधिक भराव पर थे।

हालांकि सभी बांधों की स्थिति एक जैसी नहीं है। कुछ जलाशयों में अभी पर्याप्त खाली क्षमता मौजूद है। ऐसे में आने वाले दिनों की बारिश और कैचमेंट क्षेत्र से पानी की आवक जलाशयों की स्थिति के लिए महत्वपूर्ण होगी।

कई जलाशय 100 प्रतिशत भरे

जल संसाधन विभाग के 27 अगस्त के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार राज्य के कई जलाशय अपनी लाइव स्टोरेज क्षमता के लगभग 100 प्रतिशत तक पहुंच चुके थे। इनमें खारंग, कोडार, मनियारी, कोसारटेड, पिपरिया नाला, कुंड/मोगरा, घोंघा, सरोदा, केशवा, कुंवरपुर और खापरी सहित कई जलाशय शामिल हैं।

महासमुंद का केशवा जलाशय भी 100 प्रतिशत भराव पर दर्ज किया गया था। इससे जलाशयों में लगातार बढ़ रही पानी की आवक का अंदाजा लगाया जा सकता है।

गंगरेल 90 प्रतिशत के करीब

धमतरी का रविशंकर सागर यानी गंगरेल बांध 27 अगस्त को करीब 89.96 प्रतिशत लाइव स्टोरेज पर था। इसके बाद बारिश और कैचमेंट क्षेत्र से पानी की आवक जारी रहने के कारण जलस्तर में और वृद्धि की स्थिति बनी हुई है।

धमतरी जिले के मुरूमसिल्ली बांध में भी पानी करीब 98 प्रतिशत तक पहुंच चुका था। दुधावा और सोंढूर जलाशयों में भी लगातार पानी की आवक से जलस्तर बढ़ रहा है।

बांगो भी 90 प्रतिशत के पार

कोरबा स्थित मिनिमाता बांगो जलाशय 27 अगस्त को 92.25 प्रतिशत भराव पर था। हसदेव नदी के इस महत्वपूर्ण जलाशय में पानी की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

कुछ बड़े जलाशयों में अभी काफी जगह

राज्य के सभी बांध लबालब नहीं हैं। उदाहरण के लिए रायगढ़ का केलो जलाशय करीब 37.71 प्रतिशत, अरपा-भैंसाझार करीब 37.42 प्रतिशत और मरोदा जलाशय करीब 47.25 प्रतिशत लाइव स्टोरेज पर था।

इससे स्पष्ट है कि राज्य में जलाशयों की स्थिति जिले और जलग्रहण क्षेत्र के हिसाब से अलग-अलग है।

बारिश बढ़ी तो जल निकासी की चुनौती

जिन जलाशयों में भराव 90 से 100 प्रतिशत के आसपास पहुंच चुका है, वहां लगातार बारिश और कैचमेंट क्षेत्र से पानी की तेज आवक होने पर अतिरिक्त पानी की निकासी की जरूरत पड़ सकती है। ऐसी स्थिति में बांधों के गेट खोलने से निचले इलाकों में पानी का प्रवाह बढ़ सकता है।

इसलिए नदी किनारे और बांधों के डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए आने वाले दिनों में जलस्तर और प्रशासन की चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी होगा।

जल संसाधन विभाग के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 27 अगस्त तक राज्य के महत्वपूर्ण जलाशयों में कुल लाइव स्टोरेज 88.16 प्रतिशत था। इसके बाद हुई बारिश के कारण वास्तविक स्थिति में बदलाव संभव है। 31 अगस्त की पूरी राज्यवार आधिकारिक दैनिक स्थिति उपलब्ध होने पर बांधों की ताजा स्थिति में और बदलाव सामने आ सकता है।

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