नई दिल्ली, 03 अगस्त 2026, वाय के न्यूज। दिल्ली की एक अदालत ने छह महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े चर्चित मामले में भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह तथा सह-आरोपी एवं महासंघ के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को बरी कर दिया है।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अश्विनी पंवार ने सोमवार को अपना फैसला सुनाते हुए दोनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने मामले में अंतिम बहस पूरी होने के बाद 2 जुलाई 2026 को फैसला सुरक्षित रख लिया था।
यह मामला छह महिला पहलवानों की शिकायतों पर दर्ज किया गया था। इससे पहले मई 2024 में अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आपराधिक धमकी का आरोप तय करने का आदेश दिया था। हालांकि, एक महिला पहलवान की शिकायत के मामले में उन्हें उसी समय आरोपमुक्त कर दिया गया था।
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में जांच पूरी कर बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आरोपपत्र (चार्जशीट) दाखिल किया था। आरोपपत्र और गवाहों के आधार पर सुनवाई के बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के मद्देनज़र दोनों आरोपियों को बरी करने का फैसला सुनाया।
यह मामला 2023 में देश के शीर्ष महिला पहलवानों के आंदोलन के बाद राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था और इसकी सुनवाई दिल्ली की अदालत में चल रही थी।
