सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सामान्य से 66% अधिक, बलरामपुर में 57.7% ज्यादा वर्षा; कई जिलों में अब भी बारिश की कमी
रायपुर, 28 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में इस मानसून सीजन में अब तक कुल बारिश सामान्य से मामूली अधिक दर्ज हुई है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष के 28 अगस्त तक के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में 1 जून से अब तक औसतन 855.9 मिलीमीटर बारिश हुई है। यह सामान्य औसत 849.3 मिलीमीटर की तुलना में 100.8 प्रतिशत है।
हालांकि प्रदेश का औसत सामान्य से ऊपर पहुंच गया है, लेकिन जिलों के बीच बारिश का वितरण असमान बना हुआ है। कुछ जिलों में सामान्य से काफी अधिक बारिश हुई है, जबकि कई जिलों में अब भी बारिश सामान्य से कम है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सबसे अधिक अधिकता
प्रतिशत के लिहाज से सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सबसे अधिक बारिश दर्ज हुई है। जिले में अब तक 1088.5 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य का 166 प्रतिशत है। यानी यहां सामान्य से करीब 66 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है।
बलरामपुर में 1164.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य का 157.7 प्रतिशत है। रायपुर में 920 मिमी और महासमुंद में 1017.9 मिमी बारिश हुई है। दोनों जिलों में बारिश सामान्य की 130.7 प्रतिशत रही।
नारायणपुर में अब तक 1260.9 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जो सामान्य का 121.3 प्रतिशत है।
इन जिलों में बारिश कम
प्रदेश के कुछ जिलों में बारिश सामान्य से काफी कम है। कांकेर में अब तक 713.1 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य का सिर्फ 65.6 प्रतिशत है। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 689.3 मिमी यानी 70.6 प्रतिशत और सुकमा में 846.1 मिमी यानी 72.3 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई।
इसी तरह सरगुजा में 504.4 मिमी बारिश सामान्य का 77.1 प्रतिशत, बस्तर में 837.3 मिमी यानी 77.8 प्रतिशत और बेमेतरा में 493.7 मिमी यानी 78.2 प्रतिशत रही।
एक दिन में 6.4 मिमी बारिश
विभाग के अनुसार, 28 अगस्त को प्रदेश में औसतन 6.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। मानसून के अब तक के आंकड़े बताते हैं कि राज्य का कुल औसत सामान्य से ऊपर है, लेकिन क्षेत्रवार स्थिति एक जैसी नहीं है।
मसलन, बिलासपुर में अब तक 890.7 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य का 109.2 प्रतिशत है, जबकि दुर्ग में 636.5 मिमी बारिश सामान्य का 100.4 प्रतिशत रही।
प्रदेश में कुल बारिश सामान्य से ऊपर होने के बावजूद दक्षिणी और उत्तरी जिलों के कई हिस्सों में कमी बनी हुई है। इसलिए राज्य के औसत आंकड़े को पूरे प्रदेश में समान बारिश का संकेत नहीं माना जा सकता।

