रायपुर, 3 अगस्त। छत्तीसगढ़ में पहली बार अंतरराष्ट्रीय प्रिंटिंग कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया, जिसमें भारत के अलावा सिंगापुर, श्रीलंका और नेपाल के प्रिंटिंग एवं पैकेजिंग क्षेत्र के विशेषज्ञों ने भाग लिया। सम्मेलन में उद्योग के आधुनिकीकरण, ऑटोमेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और भविष्य की तकनीकों पर विस्तार से चर्चा हुई।
एमएसएमई मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से आयोजित इस सम्मेलन का उद्देश्य प्रदेश के प्रिंटिंग उद्योग को वैश्विक तकनीकों से जोड़ना, नए व्यावसायिक अवसर उपलब्ध कराना तथा स्थानीय उद्यमों को आधुनिक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना था।
विशेषज्ञों ने कहा कि प्रिंटिंग और पैकेजिंग उद्योग तेजी से तकनीकी बदलाव के दौर से गुजर रहा है। डिजिटल प्रिंटिंग, ऑटोमेशन और एआई आधारित समाधान उत्पादन क्षमता बढ़ाने, लागत घटाने और गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने उद्योग से जुड़े उद्यमियों को नई तकनीकों को अपनाने और नवाचार पर जोर देने की सलाह दी।
सम्मेलन में प्रिंटिंग एवं पैकेजिंग उद्योग से जुड़े उद्यमियों, तकनीकी विशेषज्ञों और व्यवसायियों ने निवेश, कौशल विकास और व्यापार विस्तार की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। प्रतिभागियों को विशेषज्ञों के साथ सीधे संवाद कर तकनीकी और व्यावसायिक चुनौतियों पर चर्चा करने का अवसर भी मिला।
आयोजन के दौरान 200 से अधिक सहयोगकर्ताओं का सम्मान किया गया, नए सदस्यों का शपथ ग्रहण कराया गया तथा कई सहभागिता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
छत्तीसगढ़ के लिए महत्व
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय आयोजन से राज्य के प्रिंटिंग एवं पैकेजिंग उद्योग को नई तकनीकों तक पहुंच मिलेगी। इससे स्थानीय उद्यमों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ने, युवाओं के लिए रोजगार एवं उद्यमिता के अवसर विकसित होने तथा छत्तीसगढ़ को प्रिंटिंग उद्योग के उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद मिल सकती है।
