एबीवीपी के आंदोलन के बाद सुरक्षा और सफाई खर्च पर आरोप, भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी शिकायतें
अंबिकापुर, 16 अगस्त। वाय के न्यूज। संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय, सरगुजा में प्रशासनिक और वित्तीय मामलों को लेकर विवाद गहरा गया है। विश्वविद्यालय के खिलाफ छात्र संगठनों ने सुरक्षा व्यवस्था, सफाई सामग्री की खरीद, भर्ती प्रक्रिया और विद्यार्थियों से जुड़े विभिन्न मामलों को लेकर सवाल उठाए हैं। अगस्त के पहले सप्ताह में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेतृत्व में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन कर राष्ट्रीय राजमार्ग-343 पर करीब पांच घंटे चक्काजाम किया।
प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए। सुरक्षा व्यवस्था पर होने वाले खर्च और फिनाइल सहित सफाई सामग्री की खरीद को लेकर भी सवाल उठाए गए। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और कुलपति से मामले की जांच कराने की मांग की।
सुरक्षा और सफाई खर्च पर आरोप
छात्र संगठनों की ओर से आरोप लगाया गया कि विश्वविद्यालय में सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर हर महीने लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। निजी सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और उनके भुगतान के रिकॉर्ड को लेकर भी सवाल उठाए गए।
सफाई सामग्री और फिनाइल की खरीद पर भी छात्रों ने आपत्ति जताई। उनका आरोप है कि फिनाइल पर हर महीने करीब तीन लाख रुपये से अधिक का खर्च दिखाया गया है।
इन आरोपों के बीच विश्वविद्यालय के खरीद रिकॉर्ड, भुगतान विवरण और सुरक्षा एजेंसी से संबंधित दस्तावेजों को लेकर छात्रों ने जांच की मांग की है।
भर्ती प्रक्रिया पर भी सवाल
विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक और एसोसिएट प्रोफेसर सहित शैक्षणिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया भी विवाद में रही है। 22 दिसंबर 2025 को जारी भर्ती विज्ञापन को लेकर युवा कांग्रेस के आरटीआई विभाग और एनएसयूआई ने मई 2026 में विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था।
शिकायतकर्ताओं ने भर्ती प्रक्रिया में छत्तीसगढ़ के आरक्षण रोस्टर के पालन, रोस्टर रजिस्टर के संधारण और कार्यपरिषद की स्वीकृति सहित विभिन्न प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए थे। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाकर नियमों के अनुरूप नए सिरे से विज्ञापन जारी करने की मांग की थी।
विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर 2026 में भर्ती और शैक्षणिक गतिविधियों से संबंधित सूचनाएं जारी की गई हैं। विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार इसके क्षेत्राधिकार में सरगुजा संभाग के सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, जशपुर और कोरिया जिले आते हैं।
कोरोना काल की उत्तर पुस्तिका खरीद का मामला
विश्वविद्यालय से जुड़ा एक पुराना मामला भी विवाद की पृष्ठभूमि में है। नवंबर 2024 में आरटीआई से प्राप्त जानकारी के आधार पर कोरोना काल में लाखों उत्तर पुस्तिकाओं की खरीद का मामला सामने आया था।
रिपोर्टों के अनुसार उस दौरान करीब पांच लाख मुख्य उत्तर पुस्तिकाएं और 17 लाख से अधिक पूरक उत्तर पुस्तिकाएं खरीदे जाने की जानकारी सामने आई थी। आरोप था कि कोरोना काल में ऑनलाइन परीक्षाओं के दौरान इतनी बड़ी संख्या में उत्तर पुस्तिकाएं क्यों खरीदी गईं और उनका स्टॉक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था।
मामला सामने आने के बाद तत्कालीन कुलपति ने जांच के लिए टीम गठित करने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही थी।
परीक्षा व्यवस्था को लेकर भी शिकायतें
विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था को लेकर इससे पहले भी विद्यार्थियों के विरोध के मामले सामने आए हैं। 2024 में बीएससी के विद्यार्थियों ने मुख्य परीक्षा में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को शून्य अंक मिलने का आरोप लगाते हुए पुनर्मूल्यांकन की मांग की थी।
मार्च 2024 में बीएससी प्रथम वर्ष की अंग्रेजी परीक्षा में नए पाठ्यक्रम की जगह पुराने पाठ्यक्रम से संबंधित प्रश्न आने की शिकायत सामने आई थी। विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने उस समय प्रश्नपत्र में गड़बड़ी की जानकारी मिलने और मामले को छात्रों के हित में हल करने की बात कही थी।
अप्रैल 2024 में बीकॉम अंतिम वर्ष की परीक्षा में परीक्षा केंद्रों पर दूसरे विषय का प्रश्नपत्र पहुंचने के बाद परीक्षा निरस्त किए जाने की रिपोर्ट भी सामने आई थी।
शुल्क वृद्धि को लेकर भी आंदोलन
जुलाई 2026 में युवा कांग्रेस के आरटीआई प्रकोष्ठ और विश्वविद्यालय इकाई ने परीक्षा एवं शैक्षणिक शुल्कों में वृद्धि का विरोध किया था। संगठन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से शुल्क वृद्धि वापस लेने की मांग की थी।
इस तरह विश्वविद्यालय से जुड़े विवादों में वित्तीय खर्च, शिक्षकों की भर्ती, परीक्षा व्यवस्था और शुल्क वृद्धि प्रमुख मुद्दे रहे हैं। छात्र संगठनों की ओर से इन मामलों में जांच और पारदर्शिता की मांग की जा रही है।
