नई दिल्ली, 16 अगस्त । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्र के नाम संबोधन में गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के विद्यार्थियों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों पर कोचिंग का आर्थिक बोझ कम करना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के शीर्ष शिक्षक ऑनलाइन माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इससे मध्यम वर्गीय परिवारों के कोचिंग पर खर्च होने वाले हजारों करोड़ रुपये बचाने में मदद मिलेगी।
एक करोड़ युवाओं को एआई का प्रशिक्षण
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने अगले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जुड़े कौशल का प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य युवाओं को तेजी से विकसित हो रहे वैश्विक एआई क्षेत्र में अवसरों के लिए तैयार करना और भारत को इस क्षेत्र में नेतृत्व की स्थिति में पहुंचाना है।
उन्होंने कहा कि देश को लागत, गुणवत्ता और कौशल—इन तीनों क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देना होगा।
5 से 15 वर्ष के बच्चों की प्रतिभा खोज
प्रधानमंत्री ने 5 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों की प्रतिभा पहचानने के लिए देशव्यापी प्रतिभा खोज अभियान शुरू करने की बात कही। यह अभियान गांवों, शहरों और स्कूलों में चलाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बच्चों में मौजूद खेल प्रतिभा की पहचान कर उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि भविष्य में वे देश के लिए अच्छे खिलाड़ी तैयार हो सकें। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत खेलों की दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
उन्होंने 2030 में भारत में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों का भी उल्लेख किया। भारत को 2030 के शताब्दी राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी के लिए आधिकारिक तौर पर चुना जा चुका है और आयोजन अहमदाबाद में होगा।
प्रधानमंत्री की घोषणाओं में शिक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और खेल प्रतिभा को एक साथ जोड़ते हुए युवाओं के लिए अवसर बढ़ाने पर जोर दिया गया।
