रायपुर, 4 अगस्त। छत्तीसगढ़ सरकार ने खेलों को मिशन मोड में बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में ‘मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन’ के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस मिशन के तहत खेल अधोसंरचना के विस्तार, महिला खिलाड़ियों को प्रोत्साहन, प्रतिभा पहचान, स्पोर्ट्स साइंस, उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और एथलीट वेलफेयर पर विशेष फोकस रहेगा।
उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने मंगलवार को नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विभाग की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के लिए भी 57 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
उन्होंने बताया कि राज्य में हॉकी लीग शुरू करने की तैयारी चल रही है। वहीं खेल अकादमियों में आधुनिक प्रशिक्षण व्यवस्था विकसित करने के लिए 14 प्रशिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण हेतु पटियाला भेजा गया है।
अरुण साव ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में खेल अधोसंरचना के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया है। इस दौरान 250.73 करोड़ रुपये की लागत से 22 खेल अधोसंरचना परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। इनमें स्टेडियम, इंडोर हॉल, सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक, हॉकी स्टेडियम और अन्य खेल सुविधाएं शामिल हैं। नवा रायपुर में दो चरणों में मल्टी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित किया जा रहा है, जबकि राष्ट्रीय तीरंदाजी अकादमी की स्थापना का कार्य भी जारी है।
उन्होंने बताया कि राज्य गठन के समय खेल एवं युवा कल्याण विभाग का बजट केवल 4 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 304 करोड़ रुपये हो गया है। सरकार का लक्ष्य गांवों और आदिवासी अंचलों तक खेल गतिविधियों का विस्तार करना है। इसी उद्देश्य से बस्तर ओलंपिक के बाद इस वर्ष पहली बार सरगुजा ओलंपिक का आयोजन भी किया गया।
खेल प्रतिभाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए विभाग में 44 प्रशिक्षकों, 4 जिला खेल अधिकारियों, 23 सहायक ग्रेड-3 और 8 वार्डनों की भर्ती प्रक्रिया भी जारी है। साथ ही छह नए जिलों में खेल अधिकारी के पद सृजित किए गए हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार तथा उप संचालक रश्मि ठाकुर भी उपस्थित थीं।
