नई दिल्ली, 25 जुलाई 2026 (वाय के न्यूज): केंद्र की मोदी सरकार में लगातार दो दिनों के अंतराल में दो बड़े मंत्रियों के इस्तीफे से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। हालांकि दोनों मंत्रियों के इस्तीफे के कारण और परिस्थितियां अलग-अलग हैं, लेकिन 24 घंटे के भीतर दो अहम पदों के खाली होने से राजनीतिक विश्लेषकों की निगाहें सरकार के आगामी कदमों पर टिक गई हैं।
रवनीत सिंह बिट्टू ने दिया था इस्तीफा
क्रमवार घटनाक्रम के तहत, 24 जुलाई 2026 को रेल राज्य मंत्री एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से अपना इस्तीफा दे दिया था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री की सलाह पर इसे तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया। उनका यह इस्तीफा राज्यसभा का कार्यकाल पूरा होने के बाद सामने आया है। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, बिट्टू अब आगामी 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों के मद्देनजर राज्य की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने और पार्टी संगठन को मजबूत करने पर पूरा ध्यान केंद्रित करेंगे।

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और जंतर-मंतर का आंदोलन
इसके ठीक अगले दिन यानी 25 जुलाई 2026 को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया। नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा विवाद और अनियमितताओं के मुद्दों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबे समय से छात्र संगठन और युवा उग्र प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों के कड़े रुख और बढ़ते दबाव के बीच नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री ने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया। शिक्षा मंत्री के इस कदम के बाद और विभिन्न छात्र संगठनों व कार्यकर्ताओं के साथ बनी सहमति के पश्चात जंतर-मंतर पर चल रहा यह प्रमुख विरोध प्रदर्शन समाप्त हो गया है।

लगातार दो दिनों में आए इन दो महत्वपूर्ण इस्तीफे के बाद देश की राजधानी में सियासी सरगर्मी काफी बढ़ गई है।
