नई दिल्ली, 25 जुलाई, 2026, वाय के न्यूज। केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे की पेशकश के बाद धर्मेंद्र प्रधान के सार्वजनिक जीवन और उनके कार्यकाल की उपलब्धियां चर्चा में हैं। वर्ष 2014 से केंद्र सरकार में विभिन्न महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभालने वाले प्रधान ने ऊर्जा, कौशल विकास और शिक्षा के क्षेत्र में कई प्रमुख योजनाओं और सुधारों के क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाई।
प्रमुख उपलब्धियां
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री के रूप में धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके कार्यकाल में करोड़ों गरीब परिवारों तक एलपीजी कनेक्शन पहुंचे। उन्होंने प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (PAHAL) व्यवस्था को मजबूत करने, गैस वितरण नेटवर्क के विस्तार और हाइड्रोकार्बन क्षेत्र में नीतिगत सुधारों को आगे बढ़ाने का काम किया।

कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री के रूप में उन्होंने युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों के विस्तार पर जोर दिया। शिक्षा मंत्री के रूप में उन्होंने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के क्रियान्वयन, भारतीय भाषाओं में शिक्षा को बढ़ावा देने, डिजिटल शिक्षा के विस्तार और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचे (एनसीएफ) के कार्यान्वयन से जुड़े प्रयासों का नेतृत्व किया।
छात्र राजनीति से केंद्रीय मंत्री तक
धर्मेंद्र प्रधान का जन्म 26 जून 1969 को ओडिशा के तालचेर में हुआ। उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से छात्र राजनीति की शुरुआत की। वर्ष 2000 में पल्लाहारा से ओडिशा विधानसभा के सदस्य चुने गए। 2004 में उन्होंने देवगढ़ लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन जीत नहीं सके। बाद में वे राज्यसभा के सदस्य बने। उन्होंने भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, भाजपा के राष्ट्रीय सचिव और राष्ट्रीय महासचिव जैसे संगठनात्मक दायित्व भी निभाए।

वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी सरकार में उन्हें पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया। वर्ष 2017 में उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिला। 2019 से 2021 तक उन्होंने इस्पात मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभाला। जुलाई 2021 में उन्हें केंद्रीय शिक्षा मंत्री बनाया गया। बाद में उन्होंने कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभाली।
प्रवेश परीक्षाओं से जुड़े विवादों और छात्र आंदोलनों के बीच 25 जुलाई 2026 को धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे की पेशकश की। खबर लिखे जाने तक उनके इस्तीफे को स्वीकार किए जाने की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
