लंबी दूरी की वायु रक्षा प्रणाली विकसित करने की दिशा में बड़ी उपलब्धि
नई दिल्ली, 23 जुलाई 2026। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने गुरुवार को ओडिशा तट के पास एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली स्वदेशी मिसाइल प्रणाली ‘कुशा’ का पहला सफल उड़ान परीक्षण किया। परीक्षण के दौरान मिसाइल ने उच्च गति और अधिक ऊंचाई वाले हवाई खतरे का अनुकरण कर रहे एक इलेक्ट्रॉनिक लक्ष्य को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया।
डीआरडीओ के अनुसार, ‘कुशा’ मिसाइल प्रणाली लड़ाकू विमान, मिसाइल, मानव रहित हवाई वाहन (यूएवी) और बड़े हवाई प्लेटफॉर्म जैसे विभिन्न हवाई खतरों को लंबी दूरी और अलग-अलग ऊंचाइयों पर निष्क्रिय करने में सक्षम होगी।
इस हथियार प्रणाली के प्रमुख घटकों, जिनमें मिसाइल, रडार और कमांड एवं कंट्रोल सेंटर शामिल हैं, का विकास डीआरडीओ की विभिन्न प्रयोगशालाओं ने भारतीय उद्योगों के सहयोग से किया है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस परीक्षण को भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली ऐसी मिसाइल प्रणाली विकसित करने की क्षमता दुनिया के कुछ ही देशों के पास है। इससे इस श्रेणी की प्रणालियों के आयात पर निर्भरता कम होगी और देश की वायु रक्षा क्षमता मजबूत होगी।
रक्षा सचिव तथा रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव एवं डीआरडीओ के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने प्रक्षेपण के दौरान सभी गतिविधियों की निगरानी की और सफल परीक्षण के लिए वैज्ञानिकों तथा परियोजना से जुड़े सभी दलों को बधाई दी।
