कहा – मामला गंभीर, जवाबदेही तय होनी चाहिए
रायपुर, 31 जुलाई 2026, वाय के न्यूज। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में 13 दिनों के भीतर मलेरिया से पांच लोगों की मौत की मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने मामले को गंभीर मानते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है और दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
आयोग ने अपने नोटिस में कहा है कि यदि मीडिया में प्रकाशित तथ्य सही हैं, तो यह नागरिकों के मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मामला है और इसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 28 जुलाई को कांकेर जिले में 11 वर्षीय एक बालक की मलेरिया से मौत हुई थी। बताया गया कि प्रारंभिक जांच एक निजी प्रयोगशाला में कराई गई, जिसमें मलेरिया की रिपोर्ट नकारात्मक आई थी। बाद में तबीयत बिगड़ने पर उसे अलबेलापारा स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां रक्त जांच में मलेरिया की पुष्टि हुई, लेकिन रिपोर्ट आने से पहले ही उसकी मौत हो गई। इस घटना के साथ जिले में 13 दिनों के भीतर मलेरिया से मरने वालों की संख्या पांच हो गई।
मामले के सामने आने के बाद राज्य स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर जाकर मलेरिया जांच अभियान शुरू किया है। साथ ही लोगों को मच्छरों से बचाव, समय पर जांच और उपचार के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है।
एनएचआरसी ने मुख्य सचिव से मांगी गई रिपोर्ट में मामले के तथ्यों, स्वास्थ्य विभाग द्वारा उठाए गए कदमों, प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए की जा रही कार्रवाई का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करने को कहा है।
मुख्य बिंदु
- एनएचआरसी ने कांकेर में मलेरिया से 5 मौतों पर स्वतः संज्ञान लिया।
- छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को नोटिस जारी।
- दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब।
- 11 वर्षीय बालक की मौत के बाद मामला सुर्खियों में आया।
- स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर जांच और जागरूकता अभियान शुरू किया।
