कंवर समाज के भवनों के लिए 1.55 करोड़ की सौगात, साय बोले- शिक्षा से ही खुलेगा नई पीढ़ी के विकास का रास्ता

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रायपुर, 22 अगस्त। वाय के न्यूज। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि शिक्षा समाज के विकास का मूल मंत्र है। समाज का कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और हर प्रतिभाशाली बच्चे को आगे बढ़ने का अवसर मिले, यह केवल सरकार ही नहीं बल्कि समाज की भी जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री शनिवार को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में छत्तीसगढ़ प्रदेश कंवर समाज विकास समिति के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को सामाजिक सेवा और अपने दायित्वों के निर्वहन की शपथ भी दिलाई।

नौकरी तक सीमित नहीं है शिक्षा

साय ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल सरकारी नौकरी हासिल करना नहीं है। अच्छी शिक्षा व्यक्ति को निर्णय लेने की क्षमता देती है और उद्यमी, व्यापारी, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि या उद्योगपति बनने के रास्ते भी खोलती है।

उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से जरूरतमंद परिवारों के बच्चों की पढ़ाई में सहयोग करने और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की। उन्होंने बताया कि राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 17 प्रयास विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं।

निर्विरोध चुनाव को बताया एकता की ताकत

मुख्यमंत्री ने कंवर समाज के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि पदाधिकारियों का निर्वाचन निर्विरोध और सर्वसम्मति से होना समाज की एकता और संगठन की मजबूती का प्रमाण है। उन्होंने पदाधिकारियों से शिक्षा, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास के लिए सामूहिक रूप से काम करने को कहा।

उन्होंने संत गहिरा गुरु और समाज के अन्य पुरोधाओं के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को शिक्षा, संस्कार और सेवा के रास्ते पर आगे बढ़ाना समाज की प्राथमिकता होनी चाहिए।

भवनों के निर्माण और जीर्णोद्धार के लिए 1.55 करोड़

मुख्यमंत्री ने कंवर समाज के विभिन्न सामुदायिक भवनों के निर्माण, विकास और जीर्णोद्धार के लिए 1 करोड़ 55 लाख रुपये से अधिक की राशि देने की घोषणा की।

रायपुर के लाभांडी में निर्माणाधीन कंवर भवन के विकास के लिए 70 लाख रुपये, राजनांदगांव के छुरिया में समाज भवन के लिए 25 लाख रुपये, तमोरा में सामुदायिक शेड के लिए 10 लाख रुपये, खैरझिटी में सामाजिक भवन के लिए 10 लाख रुपये, महासमुंद के नरतोरा में सामाजिक भवन के लिए 10 लाख रुपये, झलप में सामाजिक भवन के निर्माण एवं जीर्णोद्धार के लिए 20 लाख रुपये तथा गरियाबंद के जोजरा में समाज भवन के लिए 10 लाख रुपये देने की घोषणा की गई।

बस्तर में विकास की रफ्तार

साय ने कहा कि नक्सलवाद के कारण लंबे समय तक प्रभावित रहे बस्तर में अब विकास कार्यों ने गति पकड़ी है। सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से ढाई वर्षों में 500 से अधिक गांवों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई गई हैं। बस्तर में स्वास्थ्य अभियान के तहत 34 लाख लोगों की जांच और 40 हजार से अधिक गंभीर अथवा लंबे समय से बीमार लोगों को बेहतर उपचार के लिए रेफर किए जाने की जानकारी भी उन्होंने दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में शांति के नए वातावरण के साथ युवाओं के लिए शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसर भी बढ़ रहे हैं।

जनजातीय विकास योजनाओं का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में छत्तीसगढ़ के 6,661 गांवों को शामिल किए जाने और विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत सड़क, आवास, बिजली और नल-जल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में वनोपज के मूल्य संवर्धन, कृषि और सिंचाई अधोसंरचना के विस्तार पर भी सरकार काम कर रही है।

‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत पौधरोपण

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लाभांडी स्थित कंवर समाज के निर्माणाधीन सामुदायिक भवन परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत सिंदूर का पौधा लगाया। समाज के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों और वरिष्ठ सदस्यों ने भी पौधरोपण किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व राज्यसभा सांसद नंदकुमार साय ने की। कंवर समाज विकास समिति के अध्यक्ष हरवंश सिंह मिरी सहित समाज के नवनिर्वाचित पदाधिकारी, वरिष्ठ सदस्य और बड़ी संख्या में समाजजन कार्यक्रम में मौजूद रहे।

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