एचआईवी जागरूकता के लिए दो महीने चलेगा सघन अभियान, युवाओं को बनाया जाएगा भागीदार

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रायपुर, 13 अगस्त 2026। वाय के न्यूज। छत्तीसगढ़ राज्य एड्स नियंत्रण समिति और राष्ट्रीय सेवा योजना के सहयोग से इंटेंसिफाइड आईईसी अभियान का राज्य स्तरीय शुभारंभ रायपुर के सिविल लाइन स्थित सर्किट हाउस कन्वेंशन हॉल में हुआ। अभियान के तहत अगले दो महीने तक प्रदेशभर में एचआईवी संक्रमण से बचाव, जागरूकता और भेदभाव समाप्त करने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ राज्य एड्स नियंत्रण समिति के अतिरिक्त परियोजना संचालक डॉ. खेमराज सोनवानी ने की। उन्होंने कहा कि एचआईवी की रोकथाम केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए विभिन्न विभागों, संस्थाओं और समाज की सामूहिक भागीदारी जरूरी है। उन्होंने युवाओं को जागरूकता अभियान का महत्वपूर्ण भागीदार बताया।

कार्यक्रम में युवाओं को कलंक और भेदभाव से मुक्त व्यवहार तथा स्वस्थ समाज के निर्माण की शपथ दिलाई गई।

राष्ट्रीय सेवा योजना की राज्य नोडल अधिकारी डॉ. नीता बाजपेयी ने कहा कि एचआईवी का प्रभाव केवल संक्रमित व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवार और समाज भी प्रभावित होते हैं। उन्होंने एचआईवी संक्रमित लोगों के प्रति भेदभाव समाप्त करने और इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने की जरूरत बताई।

उन्होंने कहा कि समय पर उपचार और नियमित दवा के साथ एचआईवी संक्रमित व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकते हैं। युवाओं से एचआईवी के बारे में सही जानकारी साझा करने और लोगों को जागरूक करने की अपील की गई।

राज्य एड्स नियंत्रण समिति के उपसंचालक (प्रिवेंशन) विक्रांत वर्मा ने युवाओं में एचआईवी संक्रमण की रोकथाम के लिए सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों के सावधानीपूर्वक इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने वर्चुअल इंटरवेंशन की जानकारी भी दी।

संयुक्त संचालक आईईसी भाग्यश्री वर्मा ने अभियान की गतिविधियों की जानकारी दी। वहीं संयुक्त संचालक युवा मामले नीतू मंडावी ने 1097 हेल्पलाइन, BreakFreeIndia.org और संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से जागरूकता गतिविधियों में युवाओं की भागीदारी का आह्वान किया।

कार्यक्रम में जीपा की सहायक संचालक रमा पटेल ने एचआईवी की मूलभूत जानकारी दी। इस दौरान एचआईवी जागरूकता और समानता का संदेश देने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए।

समिति के अनुसार, आगामी दो महीनों में राज्यभर में होने वाली गतिविधियों में युवाओं, विद्यार्थियों, समुदाय आधारित संगठनों और विभिन्न विभागों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

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